प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में सार्वजनिक जीवन में नेतृत्व के 25 वर्ष (PM Modi 25 Years Leadership) पूरे होने के अवसर पर देशवासियों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराते हुए देशवासियों और पार्टी कार्यकर्ताओं से बड़े लक्ष्य के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक नेतृत्व की शुरुआत 7 अक्टूबर 2001 को हुई थी, जब उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद उन्होंने गुजरात में लगातार तीन कार्यकाल पूरे किए और वर्ष 2014 में देश के प्रधानमंत्री बने। वर्ष 2019 और 2024 में भी जनता ने उन्हें लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी।
25 साल की यात्रा पर देशवासियों का आभार
अपने राजनीतिक सफर के 25 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री मोदी ने देश की जनता, पार्टी कार्यकर्ताओं और उन सभी लोगों के प्रति आभार जताया, जिन्होंने उनकी सार्वजनिक जीवन की यात्रा में विश्वास और सहयोग दिया।
मोदी ने इस अवसर को केवल व्यक्तिगत उपलब्धि के रूप में देखने के बजाय इसे देश की सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जोड़ते हुए कहा कि अभी लक्ष्य बहुत बड़ा है और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में लगातार काम करना है।
‘We Will Do It’-मोदी ने दिया नया जोश
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में ‘We Will Do It’ का नारा देते हुए आत्मविश्वास और सामूहिक संकल्प का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए देश को निरंतर प्रयास करते रहना होगा।
मोदी के इस संदेश में विकसित भारत के लक्ष्य के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत, नवाचार, तकनीक, युवा शक्ति और आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी दिखाई दी।
‘न रुकूंगा, न थकूंगा’ की प्रतिबद्धता
प्रधानमंत्री मोदी अपने लंबे राजनीतिक सफर के दौरान लगातार यह संदेश देते रहे हैं कि देश की सेवा के रास्ते में वे न रुकेंगे और न थकेंगे। 25 साल की नेतृत्व यात्रा के मौके पर भी उनका यही संकल्प सामने आया।
उन्होंने कहा कि भारत के सामने आज दुनिया में अपनी नई पहचान बनाने का बड़ा अवसर है। ऐसे में देश को आगे ले जाने के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और सामूहिक प्रयास जरूरी है।
‘मैं अपनी लाइन लंबी करता हूं’
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने राजनीतिक दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी दूसरे की लाइन छोटी करना नहीं, बल्कि अपनी लाइन लंबी करना है। यानी विकास, सुशासन और जनसेवा के माध्यम से देश के लिए नए मानक स्थापित करना।
उनके इस संदेश को राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बजाय अपने काम और उपलब्धियों के आधार पर आगे बढ़ने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
2047 तक विकसित भारत का संकल्प
प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को दोहराया। वर्ष 2047 में भारत अपनी आजादी की 100वीं वर्षगांठ मनाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि तब तक भारत एक विकसित, आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित हो।
मोदी ने देशवासियों से इस लक्ष्य को केवल सरकार का कार्यक्रम न मानकर इसे 125 करोड़ नहीं, बल्कि 140 करोड़ से अधिक भारतीयों के सामूहिक संकल्प के रूप में आगे बढ़ाने की अपील की है।
गुजरात से दिल्ली तक 25 साल का सफर
नरेंद्र मोदी के राजनीतिक नेतृत्व की 25 साल की यात्रा गुजरात से शुरू होकर दिल्ली तक पहुंची। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में लंबे कार्यकाल के बाद 2014 में उन्होंने केंद्र की सत्ता संभाली।
2014 के बाद केंद्र में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार ने कई बड़े नीतिगत फैसले किए। वर्ष 2019 में बीजेपी को दोबारा बहुमत मिला और 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
आगे की राह पर नजर
25 साल की राजनीतिक यात्रा पूरी होने के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी का संदेश साफ है कि अभी सफर खत्म नहीं हुआ है। उनका फोकस अब भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य पर है।
‘We Will Do It’, ‘न रुकूंगा, न थकूंगा’ और ‘अपनी लाइन लंबी करूंगा’ जैसे संदेशों के जरिए प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं और देशवासियों में नए उत्साह का संचार करने की कोशिश की है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के 25 वर्ष पूरे होने का यह पड़ाव भारतीय राजनीति में उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और बदलते राजनीतिक परिदृश्य में उनकी निरंतर भूमिका को भी रेखांकित करता है। अब उनकी नजर 2047 के उस लक्ष्य पर है, जिसे वे विकसित भारत का संकल्प बताते रहे हैं।
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