Maharashtra : महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण के चलते बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने जीआरएपी-4 (GRAP-4) के मानदंड लागू करने का निर्णय लिया है। जिन क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 200 से ऊपर पहुंच चुका है, वहां सभी निजी और सार्वजनिक निर्माण कार्यों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से रोक
बीएमसी ने बोरीवली ईस्ट और बायकुला जैसे इलाकों में निर्माण कार्य बंद करवा दिया है, जहां AQI लगातार खराब स्थिति में बना हुआ था। प्रशासन ने साफ किया है कि जब तक वायु गुणवत्ता में सुधार नहीं होता, इन क्षेत्रों में खुदाई या नई निर्माण परियोजनाओं की अनुमति नहीं दी जाएगी।
नियम उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई
यदि किसी क्षेत्र में काम रोके जाने के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहता है, तो संबंधित डेवलपर्स के खिलाफ महाराष्ट्र क्षेत्रीय एवं नगर नियोजन (MRTP) अधिनियम की धारा 52 के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह दंडात्मक उपाय सुनिश्चित करेगा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए जारी नियमों का सख्ती से पालन हो।
GRAP-4 क्या है?
जीआरएपी-4 (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) सर्दियों के मौसम में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए लागू किया जाता है। इसके तहत निर्माण और खुदाई जैसी गतिविधियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया जाता है। प्रतिकूल मौसम के कारण मुंबई की हवा की गुणवत्ता गंभीर स्तर तक गिर गई है। इसी तरह के प्रतिबंध हाल ही में दिल्ली में भी लागू किए गए थे।
AQI के स्तर की श्रेणियां
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार:
- 0-50: अच्छा
- 51-100: संतोषजनक
- 101-200: मध्यम
- 201-300: खराब
- 301-400: बहुत खराब
- 401 और उससे ऊपर: गंभीर
मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण के मद्देनजर बीएमसी के इस कदम का उद्देश्य वायु गुणवत्ता में सुधार लाना और नागरिकों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना है। जब तक वायु गुणवत्ता बेहतर नहीं होती, तब तक निर्माण गतिविधियों पर यह प्रतिबंध लागू रहेगा।