India EU Free Trade Deal : ट्रेड वॉर के दौर में भारत का मास्टरस्ट्रोक

नई दिल्ली | 18 साल बाद ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ पर मुहर, EU के साथ ऐतिहासिक ट्रेड एग्रीमेंट से दुनिया में खलबली

India EU Free Trade Deal : जब दुनिया अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर, सप्लाई चेन संकट और बढ़ते संरक्षणवाद से जूझ रही है, उसी बीच भारत ने एक ऐसा दांव खेला है जिसने वैश्विक व्यापार जगत में हलचल मचा दी है। भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच 18 साल से लंबित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर आखिरकार सहमति बन गई है। इस डील को दोनों पक्षों ने ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ का नाम दिया है।

यह समझौता सिर्फ एक ट्रेड डील नहीं, बल्कि भारत की बदलती वैश्विक रणनीति और आर्थिक आत्मविश्वास का संकेत माना जा रहा है।

क्या है इस डील की सबसे बड़ी खासियत?

लग्जरी कारें होंगी सस्ती

इस ऐतिहासिक समझौते के तहत यूरोप से भारत आने वाली इम्पोर्टेड लग्जरी कारों पर भारी भरकम टैक्स में बड़ी कटौती की गई है।

अब तक 100–110% तक लगने वाला कस्टम ड्यूटी

घटकर 10% तक लाने की सहमति

इसका सीधा असर BMW, Mercedes, Audi, Volkswagen जैसे ब्रांड्स की कीमतों पर पड़ेगा। हालांकि सरकार ने घरेलू ऑटो इंडस्ट्री को सुरक्षित रखने के लिए इसे फेज-वाइज और कोटा सिस्टम के तहत लागू करने का फैसला किया है।

India EU Trade Deal

प्रीमियम शराब पर टैक्स में ऐतिहासिक कटौती

EU की बड़ी मांग रही शराब और वाइन पर टैक्स में कमी। अब इस डील के तहत

प्रीमियम वाइन और स्पिरिट्स पर टैक्स

150% से घटकर 20%

अन्य अल्कोहलिक ड्रिंक्स पर भी बड़ी राहत

इससे भारत का लग्जरी कंज्यूमर मार्केट और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर दोनों को बड़ा बूस्ट मिलने की उम्मीद है।

भारत को क्या मिलेगा इस डील से?

 टेक्सटाइल, चमड़ा, जेम्स-ज्वेलरी जैसे भारतीय उत्पादों को EU बाजार में आसान एंट्री

भारतीय फार्मा और मेडिकल डिवाइस कंपनियों को बड़ा यूरोपीय मार्केट

IT और प्रोफेशनल सर्विसेज में भारतीय कंपनियों को बेहतर अवसर

निवेश, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और ग्रीन एनर्जी में सहयोग

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस डील से आने वाले वर्षों में भारत-EU व्यापार 200 अरब डॉलर के पार जा सकता है।

वैश्विक राजनीति में भारत की बड़ी चाल

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह डील केवल व्यापार तक सीमित नहीं है।

अमेरिका-चीन तनाव के बीच

यूरोप को एक भरोसेमंद एशियाई साझेदार की तलाश

और भारत को वैकल्पिक सप्लाई चेन हब के रूप में स्थापित करने की रणनीति

इस एग्रीमेंट ने भारत को वैश्विक मंच पर एक बैलेंसिंग पावर के रूप में मजबूत किया है।

किन सेक्टर्स को मिली सुरक्षा?

सरकार ने साफ किया है कि

कृषि

डेयरी

छोटे घरेलू उद्योग

जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को पूरी तरह खोलने से बचाया गया है। यानी ‘ओपन ट्रेड’ के साथ नेशनल इंटरेस्ट की फेंसिंग भी की गई है।

कब से लागू होगी यह डील?

कानूनी प्रक्रियाओं और दोनों पक्षों की संसदों की मंजूरी के बाद यह समझौता 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में लागू हो सकता है।

भारत-EU फ्री ट्रेड डील ऐसे समय पर आई है जब दुनिया आर्थिक अनिश्चितता से गुजर रही है।

एक तरफ भारतीय उपभोक्ताओं को लग्जरी प्रोडक्ट्स सस्ते मिलेंगे,

तो दूसरी तरफ भारतीय उद्योगों को दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में नई उड़ान मिलेगी।

यही वजह है कि इस समझौते को सिर्फ एक ट्रेड डील नहीं, बल्कि

भारत का ग्लोबल मास्टरस्ट्रोक कहा जा रहा है।

 

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