दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai की एक उड़ान में उस समय हड़कंप मच गया, जब विमान के कॉकपिट में कथित तौर पर को-पायलट ने अपने ही कैप्टन पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर खतरे के बीच भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मछार (Smit Machchhar) ने विमान का नियंत्रण बनाए रखा और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रिपोर्टों के अनुसार, Flydubai की उड़ान FZ1073 दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन स्मित मछार और को-पायलट के बीच विवाद हुआ। इसी दौरान को-पायलट ने कथित तौर पर चाकू से कैप्टन पर हमला किया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की।
हमले में घायल होने के बावजूद कैप्टन मछार ने विमान का नियंत्रण नहीं छोड़ा। रिपोर्टों के मुताबिक, चालक दल और यात्रियों की मदद से हमलावर को काबू किया गया। इसके बाद विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबूक में उतारा गया।
174 यात्रियों की सुरक्षा बनी प्राथमिकता
विमान में करीब 174 यात्री सवार बताए गए हैं। घटना के दौरान पैदा हुए गंभीर खतरे के बावजूद विमान को सुरक्षित उतारा गया और यात्रियों को बाहर निकाला गया।
कैप्टन स्मित मछार के साहस और पेशेवर प्रतिक्रिया की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि कॉकपिट में किसी व्यक्ति द्वारा विमान पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश विमान में सवार सभी लोगों के लिए बेहद गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है।
कौन हैं स्मित मछार?
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, स्मित मछार गुजरात मूल के भारतीय पायलट हैं। वे Flydubai के Boeing 737 विमान के कैप्टन हैं और जून 2022 से कंपनी के साथ काम कर रहे हैं।
Flydubai से पहले उन्होंने करीब 11 वर्षों तक SpiceJet में पायलट, सीनियर कमांडर और ट्रेनिंग कैप्टन के रूप में काम किया था।
9/11 से तुलना क्यों हो रही है?
इस घटना के बाद कुछ मीडिया रिपोर्टों में इसकी तुलना 11 सितंबर 2001 के अमेरिका में हुए 9/11 हमलों से की गई है। हालांकि दोनों घटनाएं अलग-अलग परिस्थितियों की थीं। 9/11 में आतंकवादियों ने चार विमानों को हाईजैक किया था, जबकि Flydubai की इस घटना में कथित तौर पर को-पायलट द्वारा कॉकपिट में हमला और विमान पर नियंत्रण हासिल करने का प्रयास सामने आया है।
इसलिए विशेषज्ञों या आधिकारिक जांच के निष्कर्ष आने से पहले इसे सीधे 9/11 जैसी घटना कहना उचित नहीं होगा। इतना जरूर है कि इस घटना ने एक बार फिर विमान के कॉकपिट की सुरक्षा और उड़ान के दौरान पायलटों के बीच सुरक्षा प्रोटोकॉल के महत्व को सामने ला दिया है।
कैप्टन स्मित मछार की कहानी ऐसे समय में सामने आई है, जब कुछ ही मिनटों में लिया गया एक सही फैसला सैकड़ों लोगों की जिंदगी पर असर डाल सकता था।
Asian Games 2026 : भारत की महिला कबड्डी टीम ने जीता गोल्ड, ईरान को 37-34 से हराया