US Israel Attack Iran : मिडिल ईस्ट में एक बार फिर हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर संयुक्त सैन्य कार्रवाई की। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक राजधानी तेहरान सहित इस्फहान, तबरेज़ और शीराज़ के कुछ इलाकों में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
कुछ सैन्य और सुरक्षा ठिकानों को बनाया गया निशाना
ईरान की सरकारी एजेंसियों ने पुष्टि की है कि कुछ सैन्य और सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया। हालांकि नुकसान और हताहतों को लेकर आधिकारिक आंकड़े अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। स्थानीय निवासियों ने सोशल मीडिया पर आसमान में धुएं के गुबार और आपातकालीन वाहनों की आवाजाही की तस्वीरें साझा कीं।
ईरान के सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई को एहतियातन सुरक्षित स्थान पर भेजे जाने की सूचना है। ईरानी रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि देश की वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय है और “किसी भी आक्रमण का करारा जवाब दिया जाएगा।”
उधर, इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बयान जारी कर कहा कि यह कार्रवाई “राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा” के लिए की गई है। अमेरिकी प्रशासन ने भी संकेत दिया कि यह कदम क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा खतरों के मद्देनज़र उठाया गया। हालांकि दोनों देशों ने विस्तृत सैन्य विवरण साझा नहीं किए हैं।
इजराइल में एहतियातन हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों के पास रहने की सलाह दी गई है। वहीं, ईरान ने भी अपने कुछ हवाई अड्डों पर उड़ानों को रोक दिया है।
संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय देशों ने तत्काल संयम बरतने की अपील की है। तेल बाजारों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है और वैश्विक निवेशकों की नजरें इस घटनाक्रम पर टिकी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति नियंत्रित नहीं हुई तो यह टकराव व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकता है। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से आगे की सैन्य या कूटनीतिक रणनीति को लेकर इंतजार किया जा रहा है।
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