Middle East War News : अमेरिका और इजराइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के कुछ घंटों बाद ईरान ने व्यापक जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं। क्षेत्रीय सूत्रों के मुताबिक, सऊदी अरब से लेकर बहरीन तक मध्य-पूर्व के कम से कम सात देशों में मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें हैं। कई जगहों पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने की सूचना है।
ईरान की ओर से आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह कार्रवाई “रक्षा और प्रतिरोध” के तहत की गई है। तेहरान में सैन्य प्रवक्ता ने दावा किया कि जिन ठिकानों से ईरान पर हमले हुए, उन्हें “सटीक तरीके से निशाना” बनाया गया है। इससे पहले ईरान के सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई को एहतियातन सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया था।
किन देशों में हमलों की खबर?
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार निम्न देशों में धमाकों/अलर्ट की स्थिति बनी हुई है:
- सऊदी अरब
- बहरीन
- कतर
- संयुक्त अरब अमीरात
- कुवैत
- इराक
- जॉर्डन
इन देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों और रणनीतिक प्रतिष्ठानों के आसपास विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। कुछ स्थानों पर वायु रक्षा प्रणालियों के सक्रिय होने की भी जानकारी है। अभी तक किसी देश ने आधिकारिक रूप से बड़े पैमाने पर नुकसान की पुष्टि नहीं की है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
अमेरिकी प्रतिक्रिया
अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा है कि क्षेत्र में तैनात बल “पूर्ण सतर्कता” की स्थिति में हैं और आवश्यक होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक आकलन के अनुसार कुछ ठिकानों को “सीमित क्षति” पहुंची है, जबकि हताहतों के बारे में स्पष्ट जानकारी जुटाई जा रही है।
क्षेत्रीय तनाव चरम पर
तेल बाजारों में तेज उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ा है। कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से तत्काल संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान की दिशा में कदम बढ़ाने की अपील की है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि हालात काबू में नहीं आए तो यह टकराव व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकता है। फिलहाल मध्य-पूर्व में स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है और आगे की सैन्य तथा राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर दुनिया की नजरें टिकी हैं।