Asaduddin Owaisi: ईरान पर इजरायल के हमले को लेकर भारत की राजनीति गरमा गई है। विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इस मुद्दे पर जवाब मांगा है। खासतौर पर All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार से कई तीखे सवाल किए हैं।
प्रधानमंत्री से ओवैसी के सवाल
ओवैसी ने कहा कि यदि हमले के दौरान प्रधानमंत्री का विमान हवा में होता और कोई अप्रत्याशित स्थिति पैदा हो जाती, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता? उन्होंने पूछा कि क्या इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पहले से भारत को इस सैन्य कार्रवाई की जानकारी दी थी। अगर ऐसी सूचना दी गई थी, तो प्रधानमंत्री को अपना दौरा बीच में छोड़कर तुरंत देश लौट आना चाहिए था।
ओवैसी ने यह भी आरोप लगाया कि अगर भारत को पहले से सूचना नहीं दी गई, तो यह कूटनीतिक तौर पर “धोखा” माना जाएगा। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री के दौरे का इस्तेमाल ईरान पर हमले और गाजा में फिलिस्तीनियों के खिलाफ हो रही कार्रवाई से ध्यान हटाने के लिए किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि इस पूरे घटनाक्रम से भारत को क्या रणनीतिक लाभ मिल रहा है।
कांग्रेस ने भी बोला हमला
मुख्य विपक्षी दल Indian National Congress ने भी प्रधानमंत्री के इजरायल दौरे पर सवाल खड़े किए। पार्टी का कहना है कि क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात के बीच यह दौरा “अनुचित” था। कांग्रेस ने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री ने अपने दौरे का इस्तेमाल तनाव कम करने के लिए किया या फिर सरकार इस सैन्य कार्रवाई का समर्थन कर रही है। कुल मिलाकर, ईरान-इजरायल तनाव के बीच भारत की विदेश नीति और प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर देश की राजनीति में बहस तेज हो गई है।