West Bengal: ममता बनर्जी का चुनावी हमला, EC पर भेदभाव का आरोप, PM-BJP को दी चेतावनी

West Bengal: TMC प्रमुख ने कहा कि हमारे गृह सचिव गैर-बंगाली हैं। उनका हटाया जाना बंगाल के कुशल अधिकारियों के प्रति उनके गहरे तिरस्कार को दर्शाता है।राज्य में रसोई गैस के संकट पर बनर्जी ने दावा किया कि यह समस्या कृत्रिम रूप से पैदा की गई।

West Bengal: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने सोमवार (16 मार्च) को कोलकाता में एक बड़ी रैली का नेतृत्व किया। इस रैली का उद्देश्य राज्य के लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और कथित एलपीजी संकट के खिलाफ विरोध दर्ज कराना था। रैली कॉलेज स्क्वायर से शुरू होकर डोरिना क्रॉसिंग तक पहुंची, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

सभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि रसोई गैस की कमी को जानबूझकर पैदा किया गया है। उन्होंने कहा कि असल में गैस की कोई कमी नहीं है, बल्कि सर्वर बंद होने की वजह से सप्लाई बाधित हुई है, जिससे यह संकट कृत्रिम रूप से खड़ा किया गया है।

विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद अधिकारियों के तबादलों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने चुनाव आयोग और केंद्र की सत्ताधारी भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्हें “बंगाल विरोधी” और “महिला विरोधी” बताया। ममता ने कहा कि अधिकारी बदलने से सरकार नहीं बदलेगी और जो भी नए अधिकारी आएंगे, वे राज्य के हित में ही काम करेंगे।

डोरिना क्रॉसिंग पर आयोजित सभा में ममता बनर्जी ने मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को हटाए जाने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि आधी रात को बिना राज्य सरकार से सलाह लिए एक महिला अधिकारी को हटाना महिलाओं के प्रति असम्मान को दर्शाता है।

इसके अलावा, गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा के तबादले पर भी उन्होंने सवाल उठाए और इसे योग्य अधिकारियों के प्रति अनादर बताया। एलपीजी संकट को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि तेल कंपनियों के सर्वर बंद होने से सप्लाई प्रभावित हुई, जबकि वास्तविक कमी नहीं है।

चुनावी माहौल को और तीखा बनाते हुए ममता बनर्जी ने चेतावनी दी कि अगर उन्हें कोई नुकसान होता है तो इसके लिए प्रधानमंत्री Narendra Modi और भाजपा जिम्मेदार होंगे। उन्होंने अपने पुराने अंदाज में कहा कि जो उनसे टकराएगा, वह चूर-चूर हो जाएगा। गौरतलब है कि निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को कराने का ऐलान किया है। चुनाव से पहले प्रशासनिक बदलाव और नेताओं के तीखे बयान राज्य में राजनीतिक माहौल को और गर्म कर रहे हैं।

 

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