US Israel vs Iran: इजराइल और अमेरिका के संयुक्त हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है। इसी बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि तेल अवीव में इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय और इजराइली वायु सेना कमांडर के ठिकाने को निशाना बनाया गया।
IRGC का कहना है कि हमले के बाद नेतन्याहू की स्थिति स्पष्ट नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइली वायु सेना कमांडर के ठिकाने पर ‘खैबर’ मिसाइलों से हमला किया गया। हालांकि, इन दावों के बाद इजराइली नेतृत्व में हलचल जरूर बढ़ी है।
खामेनेई की मौत के बाद तेज हुआ संघर्ष
यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब अमेरिकी-इजराइली संयुक्त अभियान में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के बाद दोनों देशों के बीच टकराव और गहरा गया है। इसके जवाब में ईरान और उसके सहयोगी गुटों ने खाड़ी क्षेत्र में इजराइली शहरों और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल व ड्रोन हमले किए हैं।
इजराइल ने दावे को नकारा
हालांकि, नेतन्याहू के कार्यालय पर हमले के ईरानी दावे को इजराइल ने सिरे से खारिज कर दिया है। इजराइल का कहना है कि प्रधानमंत्री कार्यालय पर किसी तरह का हमला नहीं हुआ। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सैन्य अधिकारियों से हथियार डालने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सैन्य अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सभी रणनीतिक लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते। ट्रंप ने यह भी कहा कि यदि ईरान आत्मसमर्पण करता है तो उसे सुरक्षा की गारंटी दी जा सकती है, अन्यथा परिणाम बेहद गंभीर होंगे। तेजी से बदलते हालात ने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा दी है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी गहरा दी है।