US Israel vs Iran: अमेरिका और इजराइल ने शनिवार, 28 फरवरी को ईरान पर बड़ा सैन्य हमला किया, जिसमें देश के करीब 30 शहरों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर भी सामने आई। लगातार जारी हमलों से आम नागरिकों की हालत खराब हो गई है और लाखों लोग अलग-अलग इलाकों में फंसे बताए जा रहे हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है।
4 से 5 हफ्ते तक जारी रह सकते हैं हमले
न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए इंटरव्यू में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ 4 से 5 हफ्तों तक सैन्य अभियान जारी रख सकती है। उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि यह संघर्ष लंबा खिंच सकता है। जंग का तीसरा दिन चल रहा है और अब तक किसी भी पक्ष की ओर से बातचीत की कोई ठोस पहल नहीं दिखी है।
ट्रंप ने एक वीडियो संदेश में दावा किया कि अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान के 100 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक सभी रणनीतिक लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते, तब तक ऑपरेशन जारी रहेगा।
पहले दिन ही दी थी सख्त चेतावनी
हमले की शुरुआत वाले दिन ही ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि अमेरिकी सेना ईरानी नौसेना को पूरी तरह तबाह कर सकती है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा था या तो आत्मसमर्पण करो, या गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहो।
ईरान की शीर्ष नेतृत्व पर निशाना
संघर्ष के पहले दिन से ही इजराइल और अमेरिका ने ईरान की शीर्ष नेतृत्व को टारगेट किया। शुरुआती हमलों में करीब 30 बड़े नेताओं को निशाना बनाए जाने की बात कही गई। ट्रंप का दावा है कि अब तक 48 ईरानी नेता मारे जा चुके हैं, जिनमें सुप्रीम लीडर खामेनेई भी शामिल हैं। मौजूदा हालात में ईरान में सत्ता संचालन के लिए तीन सदस्यों की एक अस्थायी समिति गठित की गई है।
दोनों तरफ से जारी हमले
रविवार रात इजराइल ने तेहरान में कई हवाई हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने भी इजराइल पर पलटवार किया। इजराइली सेना ने हमलों का वीडियो जारी किया है, जिसमें ईरान के रक्षा मुख्यालय और कई सरकारी इमारतों को निशाना बनाते दिखाया गया है। तेजी से बदलते हालात ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है और आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।