अमेरिका: दुनिया की सबसे ताकतवर सैन्य शक्ति
अमेरिका को वैश्विक स्तर पर सबसे मजबूत सैन्य ताकत माना जाता है। उसकी सबसे बड़ी ताकत आधुनिक तकनीक और दुनिया के किसी भी हिस्से में तुरंत कार्रवाई करने की क्षमता है।
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सैन्य बल: लगभग 13 लाख सक्रिय सैनिक और 8 लाख रिजर्व
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रक्षा बजट: करीब 997 अरब डॉलर, दुनिया में सबसे ज्यादा
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वायु और नौसेना शक्ति: 13,000 से अधिक एयरक्राफ्ट और 11 एयरक्राफ्ट कैरियर, जो समुद्री प्रभुत्व सुनिश्चित करते हैं
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परमाणु हथियार: 5,000 से ज्यादा परमाणु वारहेड
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मुख्य ताकत: अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी, मजबूत लॉजिस्टिक्स और विशाल संसाधन
इजरायल: छोटी लेकिन हाई-टेक सेना
इजरायल की सेना आकार में भले सीमित हो, लेकिन तकनीकी रूप से बेहद उन्नत और प्रभावशाली है।
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सैन्य बल: लगभग 1.7 लाख सक्रिय और 4.65 लाख रिजर्व सैनिक
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रक्षा बजट: करीब 46.5 अरब डॉलर (हालिया संघर्षों के कारण वृद्धि)
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वायुसेना: करीब 600 एयरक्राफ्ट, जिनमें उन्नत F-35 स्टील्थ जेट शामिल
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परमाणु क्षमता: अनुमानित 90 परमाणु हथियार (आधिकारिक पुष्टि नहीं)
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मुख्य ताकत: ‘आयरन डोम’ और ‘एरो’ जैसे एयर डिफेंस सिस्टम, मजबूत साइबर क्षमता और खुफिया एजेंसी
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ईरान: संख्या, मिसाइल और प्रॉक्सी नेटवर्क की ताकत
ईरान अपनी बड़ी सैन्य संख्या, मिसाइल क्षमता और क्षेत्रीय सहयोगी गुटों के सहारे खुद को मजबूत स्थिति में रखता है।
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सैन्य बल: करीब 6.1 लाख सक्रिय सैनिक, 3.5 लाख रिजर्व और 2.2 लाख पैरामिलिट्री
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रक्षा बजट: 8–15 अरब डॉलर (प्रतिबंधों के कारण सीमित संसाधन)
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वायुसेना: लगभग 550 एयरक्राफ्ट, जिनमें कई पुराने मॉडल
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परमाणु कार्यक्रम: आधिकारिक तौर पर परमाणु हथियार नहीं, लेकिन न्यूक्लियर प्रोग्राम उन्नत
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मुख्य ताकत: मध्य-पूर्व का बड़ा बैलिस्टिक मिसाइल जखीरा, मजबूत ड्रोन क्षमता और क्षेत्रीय प्रॉक्सी नेटवर्क
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जहां अमेरिका संसाधनों, तकनीक और वैश्विक पहुंच के मामले में आगे है, वहीं इजरायल हाई-टेक रक्षा प्रणाली और तेज प्रतिक्रिया क्षमता के कारण मजबूत है। दूसरी ओर, ईरान अपनी बड़ी सैन्य संख्या, मिसाइल क्षमता और क्षेत्रीय नेटवर्क के दम पर चुनौती पेश करता है। कुल मिलाकर, संभावित संघर्ष में रणनीति, गठबंधन और तकनीकी बढ़त ही निर्णायक भूमिका निभाएगी।