The Kerala Story 2 Controversy: सीक्वल आते ही छिड़ी जंग, ‘द केरल स्टोरी 2’ पर क्यों उठ रहे सवाल?

The Kerala Story 2 Controversy: ‘द केरल स्टोरी 2’ का ट्रेलर सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है। जहां कुछ लोग इसे वास्तविक घटनाओं पर आधारित बता रहे हैं, वहीं दूसरे इसे प्रोपेगैंडा कहकर आलोचना कर रहे हैं। फिल्म 27 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है, लेकिन रिलीज से पहले ही इसके निर्माताओं को कड़ी चेतावनी मिल चुकी है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर इस फिल्म को लेकर इतना विरोध क्यों हो रहा है।

The Kerala Story 2 Controversy: ‘द केरल स्टोरी 2’ का ट्रेलर 17 फरवरी 2026 को रिलीज होते ही चर्चा और विवादों के केंद्र में आ गया। कुछ लोग इसे कड़वी सच्चाई बताकर समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ इसे प्रोपेगैंडा करार दे रहे हैं। फिल्म 27 फरवरी 2026 को रिलीज होनी है, लेकिन उससे पहले ही मेकर्स को चेतावनियां मिलना और सोशल मीडिया पर विरोध बढ़ना बहस का विषय बन गया है। कई दर्शक समझना चाहते हैं कि आखिर यह मुद्दा इतना संवेदनशील क्यों बन गया है।

ट्रेलर की शुरुआत से ही तीखी प्रतिक्रिया

ट्रेलर के शुरुआती हिस्से में यह दावा किया गया है कि आने वाले 25 वर्षों में भारत एक इस्लामिक स्टेट बन सकता है, जहां शरिया कानून लागू होगा। इस दावे ने काफी लोगों को असहज कर दिया। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की चेतावनी डर का माहौल बना सकती है।

कहानी राजस्थान की एक 16 वर्षीय लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसके माता-पिता पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हैं कि उसकी जबरन धर्मांतरण की कोशिश हो रही है। फिल्म में भावनात्मक दबाव, छल और पहचान के संकट जैसे मुद्दों को दिखाया गया है। निर्माताओं का कहना है कि फिल्म तथाकथित ‘लव जिहाद’ जैसे मामलों को सामने लाने की कोशिश करती है।

समर्थन और विरोध – दो खेमों में बंटी राय

ट्रेलर रिलीज के बाद समाज दो हिस्सों में बंटा नजर आ रहा है। समर्थकों का तर्क है कि फिल्म साहस के साथ एक संवेदनशील मुद्दे को उठाती है और अपराध को उजागर करना जरूरी है। निर्माता विपुल शाह का कहना है कि किसी भी आपराधिक गतिविधि को सामने लाने पर विरोध स्वाभाविक है।

दूसरी ओर, आलोचक इसे एकतरफा और राजनीतिक एजेंडा से प्रेरित बताते हैं। उनका कहना है कि ऐसी फिल्में समुदायों के बीच अविश्वास बढ़ा सकती हैं। कुछ लोग इसे आगामी चुनावों के संदर्भ में भी देख रहे हैं। पहले भाग में 32,000 लड़कियों के लापता होने का दावा किया गया था, जिसे बाद में संशोधित करना पड़ा और डिस्क्लेमर जोड़ा गया। इसी पृष्ठभूमि में सीक्वल पर भी सवाल उठ रहे हैं।

मेकर्स पर बढ़ा दबाव

ट्रेलर के बाद सोशल मीडिया पर फिल्म के बहिष्कार की मांग उठी है। कुछ यूजर्स ने सेंसर बोर्ड से सख्त कार्रवाई की अपील की है। केरल के कुछ राजनीतिक नेताओं और सामाजिक संगठनों ने भी फिल्म की मंशा और प्रस्तुति पर सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि इससे राज्य की छवि प्रभावित हो सकती है।

पहले भाग में भी हुआ था विवाद

गौरतलब है कि ‘द केरल स्टोरी’ 2023 में रिलीज हुई थी और उस समय भी तीखी बहस छिड़ी थी। फिल्म में हजारों लड़कियों के जबरन धर्मांतरण और आतंकी संगठन ISIS से जुड़े होने का दावा किया गया था। तथ्यों को लेकर उठे सवालों के बाद निर्माताओं को कुछ बदलाव करने पड़े थे।

अब सीक्वल के साथ एक बार फिर वही बहस लौट आई है, क्या यह फिल्म वास्तविक घटनाओं को सामने लाती है या फिर विवादों के जरिए चर्चा में रहना चाहती है? रिलीज से पहले ही उठे सवाल यह संकेत दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गर्मा सकता है।

 

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