PM Modi Parliament Speech: प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर लोकसभा में अहम बयान दिया। करीब 24 दिनों से चल रहे इस युद्ध के बीच उन्होंने कहा कि वहां की स्थिति चिंताजनक है और इसका असर भारत पर भी पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि सरकार तेल और गैस की सप्लाई बनाए रखने के लिए अलग-अलग देशों के सप्लायर्स से लगातार संपर्क में है, ताकि किसी तरह की कमी न हो।
विदेश नीति और वैश्विक अपील
प्रधानमंत्री ने कहा कि विदेश मंत्री S. Jaishankar पहले ही सदन को हालात की जानकारी दे चुके हैं। उन्होंने बताया कि यह संकट तीन हफ्तों से ज्यादा समय से जारी है और दुनिया भर के देश शांति और बातचीत के जरिए समाधान की अपील कर रहे हैं।
भारतीयों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता
पीएम मोदी ने कहा कि खाड़ी देशों में करीब 1 करोड़ भारतीय काम करते हैं और बड़ी संख्या में भारतीय समुद्री जहाजों पर भी तैनात हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा भारत के लिए बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर भारत की संसद से एकजुट संदेश जाना जरूरी है।
जहाजों पर हमले को बताया अस्वीकार्य
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि कमर्शियल जहाजों पर हमला या बाधा किसी भी हालत में स्वीकार नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्होंने पश्चिम एशिया के कई नेताओं से बातचीत की है और सभी पक्षों से तनाव कम करने की अपील की है।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती
पीएम मोदी ने लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि संकट के समय जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में राज्य सरकारों को भी निर्देश दिए गए हैं।
तेल-गैस सप्लाई पर सरकार की नजर
प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार हर संभव जगह से तेल और गैस की खरीद कर रही है। पहले जहां 27 देशों से आयात होता था, अब इसे बढ़ाकर 41 देशों तक कर दिया गया है। साथ ही, एक विशेष समूह बनाया गया है जो रोजाना बैठक कर आयात-निर्यात से जुड़ी समस्याओं पर काम कर रहा है।
होर्मुज से सप्लाई पर असर
उन्होंने कहा कि भारत के लिए कच्चा तेल और उर्वरक जैसी जरूरी चीजें बड़े पैमाने पर होर्मुज क्षेत्र से आती हैं। युद्ध के कारण वहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है, लेकिन सरकार कोशिश कर रही है कि देश में किसी तरह का ऊर्जा संकट न पैदा हो।
3.75 लाख भारतीय सुरक्षित लौटे
पीएम मोदी ने बताया कि अब तक 3 लाख 75 हजार भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। इसके लिए 24×7 हेल्पलाइन भी चलाई जा रही है और लगातार एडवाइजरी जारी की जा रही है।
हर भारतीय तक मदद पहुंचाने का प्रयास
उन्होंने कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद से ही प्रभावित देशों में भारतीयों की हर संभव मदद की जा रही है। उन्होंने खुद भी कई देशों के नेताओं से बात की है, जिन्होंने भारतीयों की सुरक्षा का भरोसा दिया है। घायल लोगों का इलाज जारी है और उनके परिवारों से संपर्क बनाए रखा गया है।
पहले भी हुई उच्च स्तरीय बैठक
इससे पहले प्रधानमंत्री ने रविवार को एक हाई-लेवल बैठक की अध्यक्षता की थी, जिसमें पेट्रोलियम, गैस, बिजली और उर्वरक जैसे अहम सेक्टर की तैयारियों की समीक्षा की गई। उन्होंने साफ कहा कि जरूरी वस्तुओं की सप्लाई में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी।
विपक्ष की मांग और संसद की कार्यवाही
गौरतलब है कि 28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष पर विपक्ष लगातार संसद में चर्चा की मांग कर रहा है। विपक्ष का कहना है कि देश में ऊर्जा संकट की आशंका है, जबकि सरकार ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है। इसी बीच, वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman लोकसभा में कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करेंगी, जिसमें कंपनियों और एलएलपी से जुड़े कानूनों में बदलाव का प्रस्ताव है।