New Delhi: चुनाव से पहले सियासी तूफान? CEC के खिलाफ विपक्ष की नई रणनीति

New Delhi: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए विपक्षी दल संसद में प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक इसका ड्राफ्ट तैयार हो चुका है। इस कदम को टीएमसी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का समर्थन मिल सकता है।

New Delhi: विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar को पद से हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्ताव का मसौदा लगभग तैयार हो चुका है और इसे इसी सप्ताह संसद में पेश किया जा सकता है। खास बात यह है कि पहली बार विपक्षी पार्टियां एकजुट होकर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ इतना बड़ा कदम उठाने की रणनीति बना रही हैं।

बताया जा रहा है कि All India Trinamool Congress के एक वरिष्ठ सांसद ने कहा कि यह पहल पूरी तरह विपक्षी दलों की सामूहिक सहमति से आगे बढ़ाई जा रही है। उनके मुताबिक, ड्राफ्ट तैयार करने से लेकर पूरी रणनीति बनाने तक समान विचारधारा वाली सभी पार्टियों ने मिलकर काम किया है। संसद के दोनों सदनों में इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए भी विपक्ष एकजुट होकर कदम उठाएगा। टीएमसी नेता ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपने पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। वहीं Indian National Congress और INDIA bloc से जुड़ी अन्य पार्टियों ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन करने की बात कही है।

अब विपक्षी दलों के सांसद प्रस्ताव पेश करने के लिए दोनों सदनों में जरूरी समर्थन जुटाने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। नियमों के मुताबिक, ऐसे प्रस्ताव को पेश करने के लिए Lok Sabha के कम से कम 100 सांसदों या Rajya Sabha के 50 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया भी लगभग वैसी ही है जैसी Supreme Court of India या हाई कोर्ट के न्यायाधीश को पद से हटाने की होती है। किसी भी सीईसी को केवल सिद्ध दुराचार या कार्य करने में अक्षमता के आधार पर ही हटाया जा सकता है।

यह प्रस्ताव संसद के किसी भी सदन में लाया जा सकता है, लेकिन इसे पारित कराने के लिए विशेष बहुमत की आवश्यकता होती है। इसका अर्थ है कि सदन के कुल सदस्यों का बहुमत और उपस्थित होकर मतदान करने वाले सदस्यों में से कम से कम दो-तिहाई का समर्थन जरूरी होता है। कानून के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के आधार भी वही होते हैं जो सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के लिए तय किए गए हैं।

इस बीच Mamata Banerjee ने भी इस पहल का समर्थन किया है। उन्होंने हाल ही में दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था कि अगर विपक्ष ऐसा प्रस्ताव लाता है तो वह इसके साथ खड़ी रहेंगी। फिलहाल ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) के दौरान नाम हटाए जाने के विरोध में धरने पर बैठी हुई हैं।

 

New Delhi
Comments (0)
Add Comment