Israel US Strikes in Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे के बाद अब ईरान की सरकारी मीडिया ने भी पुष्टि कर दी है कि सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई शनिवार को अमेरिका और इजरायल के हवाई हमले में मारे गए। ट्रंप ने इसे ईरानी जनता, अमेरिकियों और उन देशों के नागरिकों के लिए “न्याय” बताया, जो उनके अनुसार खामेनेई की नीतियों से प्रभावित रहे हैं। इधर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (Islamic Revolutionary Guard Corps) ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि अमेरिका और उसके ठिकानों पर “इतिहास का सबसे विनाशक” हमला किया जाएगा। खामेनेई की मौत के विरोध में ईरान और बगदाद में लोगों ने प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं।
दुबई और कुवैत पर हमले का दावा
ईरानी पक्ष ने दावा किया है कि दुबई में Burj Khalifa के आसपास और कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाया गया। साथ ही इरबिल में अमेरिकी बेस पर भी हमले की बात कही गई है। बताया गया है कि Dubai International Airport पर दोबारा मिसाइल दागी गई।
IRGC की चेतावनी
आईआरजीसी ने बयान जारी कर कहा कि जब तक “हत्यारों” को सजा नहीं मिलती, तब तक कार्रवाई जारी रहेगी। ईरानी मीडिया के मुताबिक, अमेरिका के साथ खड़े देशों को भी संभावित जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार रहना चाहिए।
खामेनेई की मौत से देशभर में शोक
खामेनेई की मौत की आधिकारिक पुष्टि के बाद ईरान में शोक की लहर है। कई शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए और मातम मनाया। मशहद में इमाम रज़ा दरगाह पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और शोक जताया। सरकार ने 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक और 7 दिन के सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। सरकारी मीडिया के अनुसार, हमले में खामेनेई के परिवार के कुछ सदस्य भी मारे गए। आईआरजीसी ने भी उनकी मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि रमजान के पवित्र महीने में वे “शहीद” हुए। खामेनेई की मौत ने क्षेत्रीय तनाव को और भड़का दिया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि हालात पूर्ण युद्ध की ओर बढ़ते हैं या कूटनीतिक प्रयासों से तनाव कम होता है।