Israel US Iran War: मुज्तबा खामेनेई ने अपने पहले संदेश में साफ कहा कि जब तक मध्य-पूर्व से अमेरिका के सैन्य अड्डे हटाए नहीं जाते, तब तक उन पर हमले जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी बेस खाली होने चाहिए। मुज्तबा, ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर सैय्यद अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे हैं और हाल ही में उन्हें नया सुप्रीम लीडर बनाया गया है। नए पद संभालने के बाद यह उनका पहला सार्वजनिक संदेश है। इस बयान से संकेत मिलता है कि मौजूदा संघर्ष अभी थमने वाला नहीं है।
खामेनेई की मौत का बदला लेने की बात
अपने संबोधन में मुज्तबा खामेनेई ने कहा कि वह अपने पिता की मौत का बदला जरूर लेंगे। उनके इस बयान से साफ है कि जब तक इसका बदला पूरा नहीं होगा, तब तक यह संघर्ष जारी रह सकता है। खामेनेई की मौत के बाद से ईरान ने मध्य-पूर्व के उन देशों पर हमले तेज कर दिए हैं, जिन्हें अमेरिका और इजरायल का सहयोगी माना जाता है और जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं।
अपने भाषण में क्या बोले मुज्तबा
अपने संबोधन में मुज्तबा खामेनेई ने कहा कि उन्हें विशेषज्ञों की सभा के मतदान का परिणाम उसी समय पता चला, जब जनता को इसकी जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि महान नेता रूहोल्लाह खुमैनी और शहीद अयातुल्ला खामेनेई जैसे नेताओं की विरासत को संभालना एक बड़ी जिम्मेदारी है।
उन्होंने ईरानी जनता की दूरदर्शिता, साहस और दृढ़ता की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश के लोगों ने कठिन समय में भी मजबूत नेतृत्व का परिचय दिया है। मुज्तबा ने कहा कि जनता की इच्छा के अनुसार देश की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का विकल्प अभी भी रणनीति का हिस्सा है और जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल जारी रखा जाएगा।
गुप्त स्थान से जारी किया संदेश
मुज्तबा खामेनेई ने सार्वजनिक मंच पर आकर बयान नहीं दिया। उनका संदेश ईरान के सरकारी टेलीविजन के जरिए प्रसारित किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने यह संदेश किसी गुप्त स्थान से जारी किया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि दुश्मन के कमजोर क्षेत्रों में नए मोर्चे खोलने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर इन्हें सक्रिय किया जा सकता है।
मुज्तबा खामेनेई के 5 बड़ी बातें
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अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का बदला लेने का संकल्प।
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होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने की रणनीति जारी रखने की बात।
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मध्य-पूर्व से अमेरिका के सभी सैन्य अड्डे हटाने की मांग।
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क्षेत्र में हमले जारी रखने का संकेत।
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बच्चों और अन्य शहीदों की मौत का बदला लेने का संकल्प।