Israel Iran War: मिडिल ईस्ट इस समय भीषण संघर्ष की चपेट में है। इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर लगातार बड़े हमले किए जा रहे हैं, वहीं ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल, यूएई, बहरीन, कतर और कुवैत समेत कई देशों को निशाना बनाया है। इस गंभीर स्थिति के बीच भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कूटनीतिक सक्रियता दिखाते हुए बहरीन के किंग Hamad bin Isa Al Khalifa से फोन पर बातचीत की। इसके अलावा उन्होंने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री Mohammed bin Salman से भी हालात पर चर्चा की।
क्या बोले प्रधानमंत्री?
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और वहां रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और भलाई को लेकर चिंता जताई। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच टकराव शुरू होने के बाद से ही भारत सरकार खाड़ी देशों के नेतृत्व के साथ निरंतर संपर्क में है। रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu से भी टेलीफोन पर बात की थी। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में जारी शत्रुता को जल्द समाप्त करने की भारत की अपील दोहराई।
इसी क्रम में उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति Mohamed bin Zayed Al Nahyan से भी बातचीत की। पीएम मोदी ने यूएई पर हुए हमलों की निंदा करते हुए मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि भारत इस मुश्किल घड़ी में यूएई के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने वहां रह रहे भारतीयों की देखभाल के लिए यूएई नेतृत्व का आभार भी जताया। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत क्षेत्र में तनाव कम करने, शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के पक्ष में है।
CCS की अहम बैठक
मध्य पूर्व में हालात बिगड़ने और ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की मौत के बाद पैदा हुई गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। प्रधानमंत्री आवास पर हुई करीब तीन घंटे लंबी इस बैठक में रक्षा मंत्री Rajnath Singh, गृह मंत्री Amit Shah, विदेश मंत्री S. Jaishankar और वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman शामिल हुए। बैठक में ईरान-इजरायल संघर्ष और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।