Iran Israel War: भारत ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर शोक व्यक्त किया है। भारत सरकार की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिस्री दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास पहुंचे और वहां कंडोलेंस रजिस्टर में हस्ताक्षर कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान उन्होंने खामेनेई के निधन पर ईरान की जनता के प्रति भी सहानुभूति जताई।
बताया जा रहा है कि अयातुल्ला अली खामेनेई 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए हवाई हमलों में मारे गए थे। वे 1989 से ईरान के सर्वोच्च राजनीतिक और धार्मिक नेता के रूप में देश का नेतृत्व कर रहे थे। संयुक्त हमले के दौरान उनके कंपाउंड को निशाना बनाते हुए करीब 30 मिसाइलें दागी गई थीं।
इन हमलों में उनकी पत्नी मंसूरेह खोजस्तेह बाघेरजादेह भी गंभीर रूप से घायल हो गई थीं और बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस हमले में खामेनेई के परिवार के कई सदस्य भी मारे गए। मंसूरेह ने 1964 में खामेनेई से विवाह किया था और वह हमेशा सार्वजनिक जीवन से दूर रहीं। सरकारी कार्यक्रमों में भी उनकी मौजूदगी बहुत कम देखने को मिलती थी।
मिसाइल हमले में खामेनेई के परिवार के कई सदस्य और लगभग 40 कमांडर भी मारे गए, जिनमें उनकी पत्नी, बेटी-दामाद, बहू और पोती शामिल बताए जाते हैं। खामेनेई के कुल छह बच्चे हैं, चार बेटे और दो बेटियां। उनके बेटों के नाम मोस्तफा, मोज्तबा, मसूद और मेयसाम हैं, जबकि बेटियों के नाम बोशरा और होदा हैं। मोस्तफा सबसे बड़े बेटे हैं और एक धर्मगुरु भी हैं। उन्होंने ईरान-इराक युद्ध में भी भाग लिया था।
खामेनेई के निधन के बाद अब ईरान में नए सुप्रीम लीडर को लेकर चर्चा तेज हो गई है। उनके दूसरे बेटे मोज्तबा खामेनेई को संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि रिवोल्यूशनरी गार्ड के दबाव में उनका नाम आगे बढ़ाया जा रहा है, वहीं उनकी शैक्षणिक योग्यता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।