Delhi Budget 2026: Rekha Gupta ने मंगलवार को दिल्ली का बजट पेश किया, जिसमें वित्त वर्ष 2026-27 के लिए करीब 1,03,700 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। उन्होंने इस बजट को “हरित बजट” बताते हुए कहा कि राजधानी इस समय बदलाव के दौर से गुजर रही है और “ट्रिपल इंजन” सरकार के साथ विकास की रफ्तार तेज हुई है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पहले मुफ्त योजनाओं के कारण 2018 से 2020 के बीच राजस्व पर असर पड़ा था, जबकि इस बार 74,000 करोड़ रुपये के कर राजस्व का अनुमान लगाया गया है।
किस विभाग को कितना मिला?
| क्षेत्र |
राशि (करोड़ रुपये) |
कुल बजट का प्रतिशत (%) |
| शिक्षा |
19,326 |
18.64 |
| चिकित्सा एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य |
13,034 |
12.57 |
| परिवहन, सड़कें एवं पुल |
12,613 |
12.16 |
| आवास एवं शहरी विकास |
11,572 |
11.16 |
| सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण |
10,537 |
10.16 |
| जल आपूर्ति एवं स्वच्छता |
9,000 |
8.68 |
| सार्वजनिक ऋण |
4,254 |
4.10 |
| ऊर्जा |
3,938 |
3.80 |
| ब्याज भुगतान |
2,734 |
2.64 |
| कृषि, ग्रामीण विकास एवं सिंचाई/बाढ़ नियंत्रण |
1,777 |
1.71 |
| अन्य |
14,915 |
14.38 |
| कुल योग |
1,03,700 |
100.00 |
बजट में Municipal Corporation of Delhi के लिए 11,666 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग (PWD) को 5,921 करोड़ रुपये, शहरी विकास और आवास परियोजनाओं के लिए 7,887 करोड़ रुपये तथा बिजली विभाग के लिए 3,942 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ओवरहेड बिजली तार हटाने के लिए 200 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं। वहीं यमुना पार क्षेत्र के विकास के लिए 300 करोड़ रुपये और दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड के लिए 787 करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई है।
शहर में धूल-मुक्त सड़कों के निर्माण के लिए 1,352 करोड़ रुपये तय किए गए हैं, जिसके तहत 750 किलोमीटर सड़कों का पूरी तरह से पुनर्निर्माण किया जाएगा। औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए 160 करोड़ रुपये, नजफगढ़ नाले के लिए 454 करोड़ रुपये और विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MLALAD) के लिए 350 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा मोदी मिल फ्लाईओवर को कालकाजी और सावित्री सिनेमा चौराहे तक बढ़ाने के लिए 151 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जबकि इस परियोजना की कुल लागत 371 करोड़ रुपये आंकी गई है।
सरकार कर्मचारियों के लिए एकीकृत सचिवालय और आवासीय परिसर भी तैयार करेगी। पालम में हुई आग की घटना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संकरी गलियों और अनधिकृत कॉलोनियों में आग बुझाने में दिक्कत होती है, इसलिए अग्निशमन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 674 करोड़ रुपये दिए गए हैं। वहीं पानी की समस्या से निपटने के लिए दिल्ली जल बोर्ड को 9,000 करोड़ रुपये और चंद्रावल जल शोधन संयंत्र के लिए 475 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, ताकि लोगों को पानी के लिए टैंकर पर निर्भर न रहना पड़े।