Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि का पवित्र पर्व 19 मार्च से शुरू होने जा रहा है। नवरात्रि के नौ दिनों तक भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं। इस दौरान श्रद्धालु व्रत रखते हैं, हवन करते हैं और तप-उपवास के माध्यम से देवी मां की कृपा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के पावन दिनों में कुछ खास सपनों का दिखाई देना भी शुभ संकेत माना जाता है। माना जाता है कि ऐसे सपने मां दुर्गा की विशेष कृपा और जीवन में आने वाले अच्छे समय का संकेत देते हैं। आइए जानते हैं नवरात्रि के दौरान दिखने वाले कुछ ऐसे ही शुभ सपनों के बारे में।
नवरात्रि में दिखने वाले 5 शुभ सपने
1. छोटी कन्या का दिखना
अगर नवरात्रि के दिनों में आपको सपने में छोटी कन्या दिखाई देती है, तो इसे बहुत ही शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह संकेत देता है कि मां दुर्गा की कृपा आप पर बनी हुई है। साथ ही यह सपना जीवन में सुख-समृद्धि और धन-धान्य की प्राप्ति का संकेत भी हो सकता है।
2. जलता हुआ दीपक देखना
नवरात्रि के दौरान सपने में दीपक जलता हुआ दिखाई देना भी सकारात्मक संकेत माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि यह सपना जीवन में ज्ञान और उजाले के आगमन का प्रतीक होता है। इसके साथ ही यह बौद्धिक विकास और सफलता की ओर बढ़ने का संकेत भी देता है।
3. सपने में सुहाग का सामान देखना
अगर इन पावन दिनों में आपको सपने में सुहाग से जुड़ी वस्तुएं दिखाई दें, तो इसे पारिवारिक जीवन के लिए शुभ संकेत माना जाता है। यह सपना इस बात का इशारा करता है कि परिवार में खुशियां आ सकती हैं, कोई अच्छी खबर मिल सकती है और रुके हुए कार्य भी पूरे हो सकते हैं।
4. शंख दिखाई देना
नवरात्रि के दौरान सपने में शंख देखना नई शुरुआत का संकेत माना जाता है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक यह सपना दर्शाता है कि देवी मां आपकी भक्ति से प्रसन्न हैं और आने वाले समय में आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव हो सकते हैं।
5. मोर पंख का दिखना
सपने में मोर पंख दिखाई देना भी बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि यह सपना जीवन से नकारात्मक ऊर्जा दूर होने का संकेत देता है। साथ ही ऐसा भी माना जाता है कि राहु-केतु जैसे ग्रहों के अशुभ प्रभाव से राहत मिल सकती है और देवी मां का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और लोक आस्थाओं पर आधारित है। इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इस जानकारी की सत्यता की पुष्टि Journalist India नहीं करती है।