AUS vs ZIM: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 13 फरवरी को ग्रुप-बी का मुकाबला कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया और जिम्बाब्वे के बीच खेला गया। मैच से पहले ऑस्ट्रेलिया को प्रबल दावेदार माना जा रहा था, लेकिन जिम्बाब्वे ने शानदार खेल दिखाते हुए 23 रनों से जीत दर्ज कर सबको चौंका दिया। पहले बल्लेबाजी और फिर गेंदबाजी में दमदार प्रदर्शन के दम पर जिम्बाब्वे ने मुकाबला अपने नाम किया। इस हार के बाद ऑस्ट्रेलिया का सुपर-8 में पहुंचना मुश्किल नजर आने लगा है। अब कंगारू टीम को अपने बाकी बचे दोनों ग्रुप मैचों में जीत के साथ अन्य टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना होगा।
ऑस्ट्रेलिया के लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति
जिम्बाब्वे से हार के बाद ऑस्ट्रेलिया के सामने स्पष्ट समीकरण है उसे 16 फरवरी को श्रीलंका और 20 फरवरी को ओमान के खिलाफ दोनों मुकाबले जीतने ही होंगे। श्रीलंका के खिलाफ मैच खासा चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। यदि ऑस्ट्रेलिया यह मुकाबला हारता है तो उसका टूर्नामेंट सफर ग्रुप चरण में ही समाप्त हो सकता है। सिर्फ जीत ही नहीं, ऑस्ट्रेलिया को बेहतर नेट रन रेट भी बनाए रखना होगा। फिलहाल दो मैचों में उसके दो अंक हैं और नेट रन रेट +1.100 है। ऐसे में बड़े अंतर से जीत दर्ज करना भी जरूरी होगा।
श्रीलंका-जिम्बाब्वे मैच पर टिकी नजरें
19 फरवरी को श्रीलंका और जिम्बाब्वे के बीच होने वाला मुकाबला भी ऑस्ट्रेलिया के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है। इस मैच की विजेता टीम सुपर-8 के लिए मजबूत दावेदारी पेश करेगी, जबकि दूसरे स्थान की जंग नेट रन रेट से तय हो सकती है।
यदि ऑस्ट्रेलिया श्रीलंका को हराने में सफल रहता है और बाद में जिम्बाब्वे भी श्रीलंका को मात दे देता है, तो कंगारुओं के लिए राह आसान हो सकती है। लेकिन अगर श्रीलंका दोनों मैच जीत लेता है, तो ऑस्ट्रेलिया की उम्मीदें लगभग खत्म हो जाएंगी।
जिम्बाब्वे के पास सुनहरा मौका
ग्रुप-बी अब सबसे रोमांचक बन गया है। जिम्बाब्वे के पास सुपर-8 में पहुंचने का बेहतरीन अवसर है। उसे 17 फरवरी को आयरलैंड से भिड़ना है। उस मैच में जीत उसे अगले चरण के बेहद करीब पहुंचा देगी, हालांकि अंतिम स्थिति श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले के बाद ही साफ होगी। कुल मिलाकर, जिम्बाब्वे की इस जीत ने ग्रुप-बी का पूरा गणित बदल दिया है और अब हर मैच क्वालीफिकेशन की तस्वीर तय करेगा।