Kriti Sanon GIVA Ad Controversy: रक्षाबंधन 2026 के मौके पर ज्वेलरी ब्रांड GIVA का एक विज्ञापन सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन को लेकर बनाए गए इस विज्ञापन पर सोशल मीडिया के एक वर्ग ने आपत्ति जताई। विवाद बढ़ने के बाद GIVA ने आखिरकार अपना रक्षाबंधन विज्ञापन सभी मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने का फैसला किया। कंपनी ने अपने बयान में भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों के प्रति सम्मान जताते हुए कहा कि विज्ञापन का उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था।
क्या है पूरा मामला?
GIVA के रक्षाबंधन कैंपेन में कृति सेनन नजर आई थीं। विज्ञापन का विचार रक्षाबंधन को परिवार के साथ मनाने और पालतू जानवरों को भी परिवार का हिस्सा मानते हुए त्योहार की खुशियों में शामिल करने पर आधारित था। विज्ञापन में कृति को अपने पालतू कुत्ते को राखी बांधते हुए दिखाया गया था।
यही नहीं, विज्ञापन में कृति सेनन के पहनावे को लेकर भी सोशल मीडिया पर सवाल उठाए गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने ऑफ-व्हाइट रंग का इंडो-वेस्टर्न आउटफिट पहना था, जिसमें ब्रालेट-स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट शामिल थी। कुछ लोगों ने इसे रक्षाबंधन जैसे पारंपरिक त्योहार के अनुरूप नहीं माना।
ड्रेस को लेकर क्यों हुआ विवाद?
विवाद का मुख्य केंद्र कृति सेनन की ड्रेस रही। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स का कहना था कि रक्षाबंधन जैसे पारंपरिक भारतीय त्योहार पर आधारित विज्ञापन में पहनावे का चयन ज्यादा पारंपरिक होना चाहिए था।
मामला तब और चर्चा में आ गया जब अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने विज्ञापन की आलोचना की। उन्होंने कृति के पहनावे पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर तीखी टिप्पणी की। इसके बाद विज्ञापन को लेकर बहस सिर्फ एक ब्रांड कैंपेन तक सीमित नहीं रही, बल्कि सोशल मीडिया पर भारतीय परंपरा, आधुनिक फैशन और महिलाओं की पसंद को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
कृति सेनन ने क्या कहा?
विवाद बढ़ने के बाद कृति सेनन ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने अपने जवाब में इस बात पर जोर दिया कि किसी महिला के पहनावे के आधार पर उसकी संस्कृति या परंपराओं के प्रति सम्मान को तय नहीं किया जाना चाहिए।
कृति ने रक्षाबंधन को भाई-बहन के बीच सुरक्षा, प्रेम और भावनाओं का त्योहार बताते हुए कहा कि उनके और उनकी बहन नुपुर सेनन के लिए यह रिश्ता एक-दूसरे की रक्षा और अच्छे स्वास्थ्य की कामना से जुड़ा है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके लिए उनके कुत्ते भी परिवार का हिस्सा हैं, इसलिए विज्ञापन में उन्हें त्योहार की भावना से जोड़ने की कोशिश की गई।
नुपुर सेनन भी आईं समर्थन में
कृति की बहन नुपुर सेनन ने भी अपनी बहन का बचाव किया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कृति ने उन्हें राखी बांधी है, तो दूसरों को इससे आपत्ति क्यों होनी चाहिए। इस प्रतिक्रिया के बाद विवाद में परिवार और व्यक्तिगत पसंद का पहलू भी जुड़ गया।
राहुल गांधी ने भी किया कृति का समर्थन
विवाद ने राजनीतिक रंग भी ले लिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कृति सेनन के पक्ष में प्रतिक्रिया देते हुए महिलाओं की व्यक्तिगत पसंद और पहनावे की स्वतंत्रता की बात कही। उन्होंने सोशल मीडिया पर कृति की प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहां जाती है, यह उसकी पसंद है।
इस तरह GIVA का एक विज्ञापन फैशन, परंपरा, महिला की पसंद और त्योहारों के आधुनिक चित्रण पर व्यापक सोशल मीडिया बहस का हिस्सा बन गया।
आखिर GIVA ने क्यों हटाया विज्ञापन?
विवाद बढ़ने के बाद GIVA ने 26 अगस्त को विज्ञापन वापस लेने का ऐलान किया। कंपनी ने कहा कि वह भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों का बहुत सम्मान करती है।
GIVA के मुताबिक, ब्रांड हमेशा पूरे परिवार के साथ त्योहारों की खुशियां मनाने में विश्वास रखता है और इस बार पालतू जानवरों को भी परिवार का हिस्सा मानते हुए इस भावना को विज्ञापन में दिखाने की कोशिश की गई थी।
कंपनी ने यह भी कहा कि अगर उसके हालिया विज्ञापन से समाज के किसी वर्ग की भावनाएं अनजाने में आहत हुई हैं, तो ऐसा करना उसका उद्देश्य नहीं था। इसी सम्मान के तहत विज्ञापन को सभी मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया।
लोगों ने यह सवाल भी उठाया कि ऐसे ‘सोशल एक्सपेरिमेंट’ या नए प्रयोग अक्सर हिंदू त्योहारों के विज्ञापनों में ही क्यों नजर आते हैं। इसी बीच कृति सेनन की ईद की शुभकामनाओं वाला एक पुराना सोशल मीडिया पोस्ट भी वायरल हुआ, जिसमें उनके पहनावे को लेकर यूजर्स ने तुलना शुरू कर दी। सोशल मीडिया पर इसी तुलना के आधार पर सवाल उठाए गए कि अगर दूसरे धार्मिक त्योहारों के संदर्भ में पहनावे और परंपराओं का ध्यान रखा जाता है, तो हिंदू त्योहारों के मामले में ऐसा क्यों नहीं? यही सवाल इस पूरे विज्ञापन विवाद की बड़ी वजह बनकर सामने आया।