March 25, 2019
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बुरी खबर: बुलेट ट्रेन की डेडलाइन मिस, जापान ने कहा अब हम कुछ नहीं कर सकते…

नई दिल्ली: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की बेहद महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परिजोजना में आ रही देरी को लेकर जापान ने चिंता जताई है. दरअसल बुलेट ट्रेन परिजोजना के लिए अभी भी मोदी सरकार को जमीन अधिग्रहण करने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है.

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बतादें कि पीएम नरेंद्र मोदी ने 2014 के आम चुनाव में भारत को बुलेट ट्रेन देने का सपना दिखाया और सरकार में आने के कई वर्ष बाद जापान के साथ भारत में बुलेट ट्रेन परिजोजना की शुरुआत की, लेकिन इस परियोजना को लेकर शुरू से ही सवाल खड़े होते रहे हैं. जिसको लेकर सरकार तो निश्चिन्त रही लेकिन अब मोदी सरकार के लिए जापान से ही बुरी खबर आई है. जापान ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की धीमी रफ्तार पर चिंता जताई है. इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार जापान के कॉन्सुल जनरल रयोजी नोडा ने भारत और जापान के सहयोग से अहमदाबाद और मुंबई के बीच चल रही परियोजना में आ रही देरी को लेकर चिंता जताई है.

नोडा ने कहा है कि, यदि 2022 तक इस परियोजना के पूरा होने में देरी के बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है. उन्होंने कहा, दिसंबर 2018 की डेडलाइन मिस हो गई है, लेकिन साल 2022 तक निर्धारित समय में यह परियोजना पूरी नहीं हो सकी तो वह इस बारे में कुछ भी नहीं कह सकते हैं. आगे जापानी अधिकारी ने कहा कि भारत की ओर से हो रही इस देरी के लिए जापान कुछ नहीं कर सकता है. इसलिए हम गुजरात और महाराष्ट्र सरकार की तरफ से जमीन खरीदे जाने का इंतजार कर रहे हैं. दरअसल बुलेट ट्रेन परिजोजना के लिए जमीन की जरुरत है.

वहीँ इस बुलेट ट्रेन परिजोजना को लेकर किसानों ने जमीन देने के लिए कई शर्ते भी रखी हुई हैं. महाराष्ट्र ही नहीं अभी पीएम नरेंद्र मोदी के गृहराज्य गुजरात में ही जमीन अधिग्रहण का काम पूरा नहीं हो सका है तो दूसरी ओर महाराष्ट्र में भी शिवसेना ने बुलेट ट्रेन परिजोजना के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर खुली चुनौती दे दी है. ऐसे में बुलेट ट्रेन परिजोजना में लगातार देरी हो रही है. जोकि भारत के लिए अच्छा संकेत नहीं है. आपको मालूम हो कि बुलेट ट्रेन परिजोजना के लिए जापान भारत को कर्ज दे रहा है. कर्ज के चलते ही अगर इस परिजोजना में देरी हुई तो यह अधर में ही लटक सकती है.

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