August 11, 2020
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आठ लाख भारतीयों को छोड़ना पड़ सकता है कुवैत: यह है कारण

डेस्क: कोरोना वायरस महामारी के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था के हालात खराब है. ऐसे में कई देश में अपने यहाँ रहने वाले प्रवासियों को लेकर सख्त फैसले ले रहे हैं. ऐसा ही कुछ कुवैत सरकार फैसला लेने जा रही है. जिसका बड़ा असर करीब आठ लाख लोगों पर हो सकता है जोकि कुवैत में रोजगार कर रहे हैं.

बतादें कि कोरोना महामारी के चलते कुवैत की भी अर्थव्यवस्था डगमगा गयी है. ऐसे में कुवैत सरकार ने देश में अंदर रह रहे लाखों प्रवासियों की संख्या को सीमित या घटाने का फैसला किया है. जिसका सीधा और सबसे बड़ा असर भारतीय प्रवासियों पर पड़ने वाला है. कुवैत में सबसे अधिक संख्या में भारतीय लोग रहते हैं और कुवैत के निर्माण में अपनी भागीदारी दे रहे हैं. गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, कुवैत की नेशनल एसेंबली की कानूनी और विधायी समिति ने प्रवासी कोटा बिल के मसौदे को मंजूरी दे दी है.

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8 lakhs Indians to leave the Kuwait due to new bill for migrant policy

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इस बिल के पास होने के बाद कुवैत में किसी भी देश के प्रवासियों की संख्या को सीमित कर दिया जाएगा. बिल के अनुसार प्रवासियों की संख्या कुवैत की आबादी के 15 फीसदी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. अगर यह कानून पेश हो जाता है तो करीब 8 लाख भारतीयों को कुवैत छोड़ना पड़ सकता है. कुवैत में सबसे अधिक 14.5 लाख भारतीय लोग ही है.  अगर बिल पास होता है तो कुवैत में 6.5 लाख के करीब ही भारतीयों को रहने की इजाजत होगी. कुवैत में भारत के बाद मिस्त्र के लोग रहते हैं. वहीँ अगर बिल पास होने के बाद प्रवासियों को वापस उनके देश लौटाया जाता है तो भारत के लिए यह खतरे की घंटी हो सकती है. दरअसल कुवैत के प्रवासी भारतीयों भारत को अच्छा खासा रेमिटेंस मिलता है.

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साल 2018 में प्रवासी भारतीयों ने कुवैत से 4.8 अरब डॉलर का रेमिटेंस (कुवैत से भारत को भेजा जाने वाला पैसा) हासिल हुआ था. हालाँकि अभी यह बिल पास नहीं हुआ है. लेकिन इस मामले में हाल ही में कुवैत के प्रधानमंत्री शेख सबह अल खालिद सबह ने ही बयान देकर आगाह कर दिया था कि कुवैत में जल्द ही प्रवासियों के लिए कानून आएगा.

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उन्होंने कहा था कि देश (कुवैत) में प्रवासियों की 70 फीसदी आबादी को घटाकर 30 फीसदी किया जाए. इसके अलावा सांसद और अधिकारी भी प्रवासियों की संख्या को घटाने के पक्ष में हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि कुवैत में इस बिल को पास होने में कोई दिक्कत नहीं आयेगी. वहीँ इस मामले में कुवैत स्थित भारतीय दूतावास प्रस्तावित करीबी से नजर रखे हुए है.

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