Tuesday, October 19, 2021

तीसरी लहर की आहट: डेल्टा प्लस वेरिएंट के 48 मामले-क्या वैक्सीन बचा पाएगी आपकी जान…  

राष्ट्रीय

कोरोना वायरस लगातार खुद को म्यूटेट कर रहा है. भारत में कोरोना वायरस के म्यूटेट वर्जन के सामने आने के बाद लगातार चिंता इस बात की हो रही है की क्या म्यूटेट वायरस के सामने कोरोना वायरस की देश में लगाईं जा रही वैक्सीन असर करेगी? इस सवाल को लेकर बात हो रही थी की राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र ने बताया है कि देश में अभी तक कोरोना वायरस के म्यूटेट वायरस यानी की डेल्टा प्लस के 48 मामले सामने आ चुके हैं.

देश में कोरोना वायरस की पहली लहर ने देश को आर्थिक नुकसान पहुँचाया, जबकि दूसरी लहर ने सबसे ज्यादा जाने ली, ऐसे में कोरोना वायरस की तीसरी लहर की संभावना भर से ही लोग डरे हुए हैं. इसका प्रमुख कारण यह भी है कि कोरोना वायरस खुद को बदल रहा है या कहें की म्यूटेट हो रहा है. जिससे उसके इलाज और बचाव के लिए लगाईं जा रही वैक्सीन को लेकर भी लोगों में मन में तमाम सवाल पनप रहे हैं. राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के निदेशक डॉ एसके सिंह ने बताया कि अभी तक पूरे देश भर में डेल्टा प्लस के 48 मामले सामने आए हैं.

देश के आठ राज्यों में कोरोना वायरस के इस म्यूटेट वर्जन के सबसे अधिक मामले मिले हैं. इस आठ राज्यों में आंध्र प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, केरल, महाराष्ट्र, पंजाब, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल शामिल हैं. निदेशक ने इन आठों राज्यों को कोरोना वायरस के डेल्टा प्लस वर्जन के अधिक सावधान रहने को कहा है. उन्होंने कहा, “8 राज्य महत्वपूर्ण हैं जहां हमें चिंता पैदा करने वाले वैरिएंट (डेल्टा वैरिएंट) के 50% से अधिक मिले हैं. बायोटेक्नोलॉजी विभाग की सचिव रेणु स्वरूप ने बताया कि, ‘कोरोना वायरस के म्यूटेट होने की बात तब सामने आई जब ब्रिटेन द्वारा पहला वैरिएंट ऑफ कंसर्न यानी चिंता पैदा करने वाला वैरिएंट घोषित किया गया.

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उसके बाद दुनियाभर में कोरोना वायरस के 4 वेरिएंट मिल चुके हैं. जिसमें भारत में पाए गये म्यूटेट को डेल्टा नाम दिया गया. ब्रिटेन में पाए जाने वाले वेरिएंट को अल्फा, दक्षिण अफ्रीका वाले को बीटा, ब्राजील में पाए गये वेरिएंट को गामा और भारत में मिले वेरिएंट को डेल्टा नाम दिया गया था. भारत में डेल्टा का भी म्यूटेट वेरिएंट मिला है. जिसके बाद इसे डेल्टा प्लस नाम दिया गया है.

क्या कोरोना वायरस के म्यूटेट वेरिएंट पर वैक्सीन करेगी काम

कोरोना वायरस लगातार खुद को बदल रहा है. उसके अभी तक कई वेरिएंट सामने आ चुके हैं. यह वह वेरिएंट हैं जिन्हें पकड़ लिया गया है. बाकी अभी दुनियाभर में कोरोना वायरस के मामलों की जांच भी बहुत गंभीर विषय बनी हुई है. ऐसे में सवाल है की जब कोरोना वायरस खुद को म्यूटेट करके बदल रहा है और सभी के प्रभाव अलग अलग हो रहे हैं तो क्या शुरूआती दौर में बनाई गयी वैक्सीन इन वेरिएंट पर भी काम करेगी.

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इस पर ICMR के डायरेक्टर जनरल बलराम भार्गव ने कहा है कि भारत में दी जाने वाली वैक्सीन कोवैक्स और कोविडशील्ड दोनों ही इन वेरिएंट के खिलाफ लड़ने में सक्षम हैं. आपको जानकारी के लिए बतादें कि कोरोना वायरस के यह म्यूटेट वेरिएंट दुनियाभर में 12 से अधिक देशों में पाए गये हैं.

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