October 21, 2018
Rajneeti

आखिर सुपरस्टार रजनीकांत ने क्यों किया आईपीएल-11 का विरोध

चेन्नई: जहाँ एक ओर आईपीएल 11 की चपेट में आ गया है, वहीँ दूसरी ओर देश के दो बड़े राज्यों में जल विवाद को लेकर घमासान जारी है. तमिलनाडु और कर्नाटक में कावेरी जल विवाद का विवाद बढ़ता ही जा रहा है इसी बीच तमिल सुपरस्टार रजनीकांत सहित कई अभिनेताओं ने इस आईपीएल का विरोध शुरू कर दिया है.

बतादें कि सुप्रीम कोर्ट ने कावेरी नदी के पानी बंटवारे को लेकर केंद्र सरकार को आदेश जारी कर कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड (सीएमबी) का गठन करने को कहा है लेकिन केंद्र की बीजेपी सरकार कर्नाटक में चुनावों को देखते हुए कोई भी फैसला लेने में पीछे हट रही है. ऐसे में तमिलनाडु में  लगातार प्रदर्शन जारी है, रविवार को चेन्नई में इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन हुआ.

Photo Source ANI

जिसमें रजनीकांत, कमल हासन और धनुष सहित कई तमिल अभिनेता शामिल हुए. यहाँ रजनीकांत ने कहा है कि ‘जब राज्य में कावेरी का मुद्दा छाया है, ऐसे में आईपीएल का आयोजन करना शर्मनाक है. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर आईपीएल हो ही रहे हैं तो आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के सभी खिलाड़ियों को हाथ में ब्लैक बैंड बांधकर इस का कावेरी के सीएमबी के गठन की मांग तेज करनी चाहिये.

वहीँ कावेरी का मामला तमिलनाडु से लेकर दिल्ली तक छाया हुआ है. यहाँ दिल्ली में भी तमिल सांसद विरोध कर रहे हैं. वहीँ आगामी 12 अप्रैल को कर्नाटक बंद बुलाया गया है. ऐसे में दोनों राज्यों के विरोध पर केंद्र की बीजेपी सरकार अभी सिर्फ नजर बनाये हुए हैं.

क्या है मामला

दरअसल कावेरी नदी के पानी बंटवारे को लेकर लम्बे समय से विवाद छिड़ा हुआ है. कर्नाटक और तमिलनाडु कावेरी का आधा आधा पानी चाहते हैं, लेकिन प्रयोग, रखरखाव और विभिन्न कारणों बस सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु को दिए जाने वाली पानी को घटा दिया है साथ ही इस मुद्दे से निपटने के लिए केंद्र को कावेरी मैनेजमेंट बोर्ड (सीएमबी) के गठन का आदेश दिया है.

केंद्र क्यों नहीं उठा रहा त्वरित कदम  

दो राज्यों में कावेरी जल विवाद को लेकर केंद्र अभी तक कोई न कोई कदम उठा चुका होता लेकिन मामला पूरा राजनीतिक नफे-नुकसान का हो गया है. जहाँ कर्नाटक में मई में ही विधानसभा चुनाव हैं, ऐसे में केंद्र की बीजेपी सरकार, राज्य की जनता को नाराज करने के मूड में नहीं है.

वहीँ तमिलनाडू की सत्ताधारी पार्टी अन्नाद्रमुक भी बीजेपी की करीबी मानी जाती है ऐसे में केंद्र सरकार धर्मसंकट में पड़ी है. जहाँ तमिलनाडु की मांग है कि केंद्र सरकार जल्दी ही सीएमबी का गठन करे, वहीँ कर्नाटक इसका विरोध कर रहा है.

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