October 24, 2018
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दीदी के 28 करोड़ पर क्यों भड़के इमाम पीरजादा

कोलकाता: पश्चिम बंगाल हाईकोर्ट ने ममता बनर्जी सरकार के उस फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी है जिसमें सरकार की ओर से दुर्गा पूजा पंडालों के लिए 28 करोड़ की राशि देने का ऐलान किया गया था. वहीँ अब इस मामले को लेकर फुरफुरा शरीफ के इमाम पीरजादा ताहा सिद्दीकी ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार की कड़ी आलोचना की है.

बतादें कि शुक्रवार को ही कोलकाता हाईकोर्ट ने ममता सरकार के दुर्गा पूजा पंडालों को दिए जाने वाले 28 करोड़ की सहायता पर रोक लगा दी थी. पिछले ही समय सरकार ने दुर्गा पूजा पंडालों के लिए 28 करोड़ की राशि देने का एलान किया था. जिसमें हर एक दुर्गा पूजा पंडाल के लिए 10-10 हजार की आर्थिक मदद दी जानी थी. ममता सरकार के इस फैसले के बाद राज्यभर के मुल्ला-मौलवी खासे नाराज हो गए. भड़के हुए मौलवियों ने सड़कों पर उतर कर चक्काजाम कर दिया और सरकार से मांग की कि उन्हें भी मिलने वाले वजीफे को बढ़ा कर 10 हजार रुपये किया जाए.

मामला इतना बढ़ गया कि हाईकोर्ट तक पहुँच गया. जिसके बाद कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई के बाद इस फैसले पर रोक लगा दी है. वहीँ अब पूरे मामले पर नाराज फुरफुरा शरीफ के इमाम पीरजादा ताहा सिद्दीकी ने सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि ‘जो लोग बीजेपी पर सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने का आरोप लगाते हैं, वे खुद भी कई बार इसमें शामिल होते हैं.

दरअसल विपक्ष और खासकर बीजेपी द्वारा हिन्दू विरोधी होने का आरोप झेल रहीं वेस्ट बंगाल की सीएम ममता बनर्जी पिछले कुछ ही समय में कई ऐसे कार्यक्रम कर चुकी हैं जिससे उनकी सेक्युलर छवि दिखाई दे. इसी कड़ी में उन्होंने दुर्गा पंडालों के लिए 28 करोड़ की आर्थिक मदद का ऐलान किया तो राज्यभर के मौलवी खफा हो गये. उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मांग की है कि, वह जब दुर्गा पूजा पंडाल के लिए 28 करोड़ रूपये की राशी दी जा सकती है तो उन्हें मिलने वाले स्टाइपेड को  2500 से बढ़ाकर 10 हजार रुपये भी किया जा सकता है. वहीँ उनकी इस मांग को राज्यभर में समर्थन मिला और देखते ही देखते ममता सरकार के खिलाफ मौलवियों ने चक्काजाम कर दिया था.

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