November 18, 2018
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लोगों की जान बचाते-बचाते खुद कुर्बान हो गया एक वीर सपूत…

चंडीगढ़: हरियाणा के जिला महेंद्रगढ़ के अंतिम दक्षिणी हरियाणा अंतिम छोर पर गांव सहित भीम सिंह शहीद भीम सिंह को याद किया गया.

गांव बूढवाल के करण सिंह के एकमात्र सपूत भीम सिंह लंबोरा देश की सेवा करते हुए जम्मू कश्मीर बाढ़ के दौरान लोगों की जान बचाते हुए अपनी जान की परवाह किए बिना देश पर अपने प्राणों को न्योछावर की. जिसे गांव तथा राज्य ही नहीं पूरे देश को इस शहीद पर गर्व है.



शहीद भीम सिंह अपने पिता करण सिंह के एकमात्र बेटे थे, एक लाडली बहन अनीता परिवार में भीम सिंह के अलावा अन्य सदस्य ना होने के कारण परिवार को एक तरफ दुख महसूस करते हैं वहीँ परिवार को इस बात का गर्व है कि हमारा बेटा अपने प्राणों की आहुति दे डाली.

जिन्हें उन पर गर्व की अनुभूति हो रही है 5 सितंबर को उनकी चौथी पुण्यतिथि पर उन्हें फिर से याद कर एक विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. जिसमें महेंद्रगढ़ भिवानी से लोकसभा सांसद श्री धर्मवीर सिंह हलके से विधायक पूर्व आईएएस श्री अभय सिंह यादव तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं गांव से सरपंच महोदय माननीय श्री मनोज कुमार जी रामपुरा एवं शहीद भीम सिंह बंबोरा राजकीय विद्यालय बुधवार मुख्य रूप से मौजूद रहेंगे. यह कार्यक्रम उनकी चौथी पुण्यतिथि पर आयोजित किया जा रहा है शहीद भीम सिंह का जन्म 1 अप्रैल 1989 को गांव गढ़वाल में माता लक्ष्मी देवी पीकॉक से हुआ था तथा इनका बचपन से ही सीना में भर्ती होने का जज्बा लिए पढ़ाई कर रहे थे एवं 7 अप्रैल 2011 को सेना में आखिरकार भर्ती हो गए सेना में रहते हुए जम्मू कश्मीर में बाढ़ के दौरान राहत कार्य के दौरान लोगों की जान बचाते बचाते 5:00 सितम्बर 2014 को अपनी जान को बाजी लगा दी.





लोगों को बचाने के लिए अपनी जान की कुर्बानी देने वाले ऐसे भारत माता के वीर सपूत पर पूरे देश को गर्व है. वहीँ उनकी याद में दो एक एकड़ जमीन में विशाल शहीद समारक बनाकर तथा उसी मैदान में एक पुस्तकालय व युवाओं के लिए जिम सेंटर खोला गया है. जिसमें गांव के युवा उनसे कुछ प्रेरणा लिस्ट तथा गांव में पुस्तकालय में बड़े बुजुर्ग गांव के युवा के लिए उचित बैठने की व्यवस्था भी की गई है.

रिपोर्ट: मोहित शर्मा, हरियाणा  

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