November 12, 2018
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अमेरिका ने दिया भारत को दिवाली गिफ्ट, जानकार खुश हो जाओगे

जेआईडेस्क: आज देश दिवाली के जश्न में डूबा है. पीएम नरेंद्र मोदी केदारनाथ में जवानों के साथ दिवाली मना रहे हैं. इसी बीच भारत के लिए अमेरिका ने बड़ी खबर आई है. इसे आप अमेरिका द्वारा भारत को दिया गया दिवाली का उपहार भी समझ सकते हैं.

दरअसल आपको बतादें कि ईरान पर अमेरिका द्वारा लगाए गये प्रतिबंध प्रभावी हो गये हैं. जिससे कुछ देशों को छोड़कर ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों को भी अमेरिका का प्रतिबंध झेलना पड़ सकता है. जहाँ अमेरिका ने भारत सहित करीब आठ देशों को ईरान के साथ कच्चे तेल की खरीद को प्रतिबंध मुक्त कर दिया है.

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ऐसे में भारत के लिए एक खुशखबरी और आई है, अब अमेरिका ने भारत को चाबहार पोर्ट को भी प्रतिबन्ध से बाहर कर दिया है. दरअसल भारत की मदद से इस पोर्ट का कायाकल्प किया गया है. जिसमें भारत ने भारी भरकम निवेश किया है. ऐसे में यह भारत के लिए बड़ा तोहफा माना जा रहा है. इतना ही नहीं अफगानिस्तान को जोड़ने वाली रेल लाईन को बनाने की भी इजाजत अमेरिका ने भारत को दे दी है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन के इस फैसले को काफी अहम माना जा रहा है. चाबहार पोर्ट को भारत, अफगानिस्तान और ईरान सहित पूरे मध्य एशिया में व्यापार के मामले में काफी अहम माना जा रहा है. खासकर भारत के लिए यह काफी अहम् है और कूटनीतिक तौर पर बड़ा महत्व रखता है. भारत चाबहार के जरिए अफगानिस्तान को समुद्री मार्ग से जोड़ने की मंशा रखता है. अभी अफगानिस्तान तक बाहरी वस्तुएं पहुंचाने के लिए पाकिस्तान के पोर्ट का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन चाहबहार के बाद पाकिस्तान से बचते हुए अफगानिस्तान पहुंचा जा सकेगा.

इससे पहले अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने भी दो दिन पहले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से चाबहार पोर्ट को प्रतिबंध से बाहर रखने की मांग की थी. इसके अलावा भारत ने कच्चे तेल और चाबहार पोर्ट के रणनीतिक महत्त्व का हवाला देकर इस प्रतिबंध से अपने लिए छूट मांगी थी. जिसके बाद ट्रंप प्रशासन ने यह छूट दे दी है.

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आपको जानकारी के लिए बतादें कि चाबहार दक्षि‍ण पूर्व ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में स्थि‍त एक पोर्ट है. इसके जरिए भारत अफगानिस्तान आसानी से जा सकता है. खासकर व्यापार के लिए यह मार्ग सबसे बेहतर है. इस बंदरगाह के विकास के लिए 2003 में भारत-ईरान के बीच समझौता हुआ था. मोदी सरकार ने फरवरी 2016 में चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट के लिए 150 मिलियन डॉलर के क्रेडिट लाइन को हरी झंडी दी थी. जिसके बाद इस पोर्ट का कार्य आगे बढ़ा. चाहबहार के पहले फेज का काम पूरा कर इसे शुरू भी कर दिया गया है.

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