November 14, 2018
Badi khabren Jammu Kashmir

आतंकी इस्तेमाल कर रहे हैं बंकर भेदने वाला हथियार, सेना की बढ़ी मुश्किल  

श्रीनगर: पिछले साल दिसम्बर महीने में सीआरपीएफ कैंप पर हुए आतंकी हमले से जुडी एक रिपोर्ट ने सेना के कान खड़े कर दिए हैं. दरअसल रिपोर्ट में सामने आया है कि इस आतंकी हमले में आतंकियों ने ऐसे हथियार का इस्तेमाल किया था जोकि पहले तक ही आतंकियों के पास नहीं था.

बतादें कि मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि पिछले साल 31 दिसम्बर को जम्मू कश्मीर के लेथपोरा में सीआरपीएफ कैंप पर हुए आतंकी हमले में पांच जवान शहीद हुए थे. इन्हें आतंकियों की बुलेट प्रूफ बंकर को भेदने वाली गोली ने इसके सीने को छलनी कर दिया था. स्जिके बाद इस की जांच में सामने आया है कि आतंकियों ने इस हमले में स्टील से बनी गोली का इस्तेमाल किया था. जोकि AK-47 से ही दागी जाती है, लेकिन यह गोली अन्य की अपेक्षा खतरनाक इस लिए है क्योंकि यह बुलेट प्रूफ बंकर को भी भेद सकती है. मीडिया रिपोर्ट्स में एक अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि यह इस तरह की पहली घटना थी जिसमें जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों ने स्टील की गोली का यूज किया था.

जिसमें भारत के पांच जवान शहीद होई गये थे. इस आतंकी घटना में सेना द्वारा उपलब्ध कराई गई बुलेट प्रूफ ढाल भी जवानों की जान नहीं बचा पायी और आतंकियों की गोली बी उलट प्रूफ ढाल को भी भेदती हुई जवान के सीने में जा धसी. दरअसल इस आतंकी हमले में आतंकवादियों ने क्लाश्निकोव (एके) राइफल से स्टील से दागी थी. यह गोली कठोर स्टील या टंगस्टन कार्बाइड से बनी होती हैं. आम तौर पर ऐसे गोली का अभी तक इस्तेमाल नहीं हुआ था , लेकिन साल 2017 के अंत में हुए आतंकी हमले ने सेना और भी एतिहात बरतने के साथ बुलेट प्रूफ ढाल में भी बदलाव के लिए मजबूर कर दिया. हालाँकि सेना सीके लिए पहले ही कदम उठा चुकी है. माना जा रहा है कि आतंकी अब इसी गोली का इस्तेमाल कर ते हैं. ज्सिके कारण ही जवानों की जान ज्यादा जोखिम में रहती है.

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