November 18, 2018
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तमिलनाडू: निधन के तुरंत बाद ही क्यों कोर्ट पहुंचे ‘करुणानिधि’

चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति नहीं बल्कि दक्षिण भारत ने आज एक ऐसे कलैगनार को खो दिया है. मंगलवार को द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के प्रमुख एम करुणानिधि का निधन हो गया है. वह पिछले कई दिनों से राजधानी चेन्नई के कावेरी अस्पताल में भर्ती थे. वहीँ उनके निधन के कुछ ही घंटे बाद उनका मामला तमिलनाडू हाईकोर्ट चला गया है.

बतादें की तमिलनाडू के पूर्व सीएम राज्य की दशा दिशा बदलने वाले और द्रमुक अध्यक्ष एम करुणानिधि का मंगलवार शाम में 6 बजकर 10 मिनट पर राजधानी चेन्नई के कावेरी अस्‍पताल में निधन हो गया है. उनके निधन की खबर लगते ही राज्य ही नहीं देशभर में शोक की लहर फ़ैल गयी है. एम् करुणानिधि भले ही तमिल की राजनीति में ही सक्रीय रहे हो लेकिन उनकी धमक राष्ट्रीय राजनीति में भी रही है.

पांच बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में प्रतिनिधित्व करने वाले एम् करुणानिधि लगभग पांच दशकों से भारतीय राजनीति के सक्रीय अंग रहे थे. वहीँ मंगलवार शाम को उनके निधन ने सभी को हिला कर रख दिया है. राज्यभर में उनके समर्थक से लेकर विरोधी तक उनकी मौत की खबर को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं. वहीँ यह उससे भी बड़ी विडंबना की बता यह है की कावेरी अस्पताल में शाम 6:10 पर निधन के कुछ ही घंटे बाद उन्हें कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा है. दरअसल उनकी लोकप्रियता को देखते हुए उन्हें मरीन बीच पर दफनाने की मनाग की जा रही है.

वहीँ राज्य सरकार ने कानूनी अड़चन का हवाला देते हुए वह जमीन देने से मना किया है. जिसको लेकर द्रमुक समर्थक हंगामा करने लगे हैं. वहीँ यह मामला हाईकोर्ट भी चला गया है. करुणानिधि को मरीना बीच में दफनाने की जगह देने की मांग को लेकर मद्रास हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस हुलुवादी जी रमेश इस मामले की सुनवाई आज रात 10:30 बजे करने का फैसला लिया है. वहीँ लगभग हर ओर से नेता राजनेता श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचने लगे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी सहित उत्तर भारत के कई बड़े नेता बुधवार को चेन्नै पहुंचेंगे.

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