April 26, 2018
Desh Jammu Kashmir

सैन्य शिविर हमला: तीन आतंकी ढेर, पाकिस्तान की खुली काली करतूत

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर के सुंजवां आर्मी कैंप पर हुए फिदायीन आतंकी हमले में शनिवार शाम तलक सेना ने तीन आतंकियों को मार गिराने में सफलता हासिल की है. सेना ने जैश ए मोहम्मद के तीन आतंकियों को मार गिराया है. वहीं अभी भी कई आतंकियों के छिपे होने की संभावना बनी हुई है.

बतादें की शनिवार तडके देश को दहलाने वाले खबर मिली थी, जम्मू कश्मीर के सुंजवां स्थित आर्मी कैंप पर पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के आतंकियों ने हमला कर दिया था. यह हमला शनिवार तडके हुआ था. वहीँ हमले के बाद सेना ने आतंकियों के खिलाफ बड़ा आपरेशन चलाया हुआ है. इस आतंकी हमले में दो जवान शहीद हो गये वहीँ कई जवान घायल भी हए हैं. जहाँ पर आतंकी हमला हुआ था वह सेना और उनके परिजनों का मुख्य अड्डा था. हालाँकि सेना की मुस्तैदी से आतंकी सैन्य शिविर में ज्यादा अंदर तक दाखिल नहीं हो सके. आतंकियों से निपटने के लिए जम्मू कश्मीर के उधमपुर से पैरा मिलिट्री के जाबाजों को भी तैनात किया गया था. साथ ही हेलीकॉप्टरों से आतंकियों पर नजर रखी जा रही थी.

वहीँ देर शाम तक सेना ने जैश ए मोहम्मद के तीन आतंकियों को मार गिराने में सफलता हासिल की है. वहीँ बताया जा रहा है की अभी भी आपरेशन चल रहा है. सेना को शक है की एक इमारत में अभी भी आतंकी छुपे हो सकते हैं. मीडिया रिपर्ट की माने तो सैन्य शिविर पर हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी जैश ए मोहम्मद ने ले ली है. जैश ए मोहम्मद पाकिस्तान का आतंकी संगठन है, जिसे मसूद अजहर आपरेट करता है. इसके अलावा सेना द्वारा चलाये गये आपरेशन में कुछ ऐसे भी सबूत मिले हैं जिनके आधार पर पाकिस्तान की काली करतूत उजागर हो रही है. मारे गए आतंकियों के पास से जैश ए मोहम्मद का झंडा मिला है. साथ से आतंकवादी के पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद भी बरामद हुआ है. आतंकियों के पास से मिले हथियारों से अंदाजा लगाया जा रहा है कि आतंकी बड़े मंसूबों को अंजाम देने की फिराक से आये थे. लेकिन शनिवार सुबह एक संतरी की सूझबूझ से बड़ा हमला होने से बच गया

संतरी ने देखी थी हलचल  

सुंजवा आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले में देश ने अपने दो जवानों को खो दिया है. वहीँ कई जवान घायल भी हैं. सेना के शिविर पर हुए आतंकी हमले की पहली आहट तैनात संतरी को हुई थी, जिसने कुछ संदिग्ध हलचल होने पर गोली चलाई जिसके बाद जवाबी फायरिंग शुरू हो गयी. संतरी के शक होने के कारण ही आतंकी अपने मंशूबों में कामयाब होने से बच गये, नहीं तो आतंकी, सेना के परिजानो को बड़ा नुकसान पहुँचाने के उद्देश्य से कैंप में दाखिल हुए थे.

 

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