October 24, 2018
Vichaar

लागा चुनरी में दाग, छुपाऊं कैसे

संजय कुमार सिंह

संजय कुमार सिंह

“ना खाउंगा ना खाने दूंगा” और “देश नहीं बिकने दूंगा” जैसे नारों के साथ सत्ता में आई केंद्र की भारतीय जनता पार्टी और नरेन्द्र मोदी की सरकार पर फ्रांस से लड़ाकू विमान खरीदने के सौदे में गड़बड़ी करने के आरोप लगते रहे हैं और इसमें संसद के अंदर और बाहर झूठ बोलने और गलत जानकारी देने के आरोप शामिल हैं.

अभी तक सरकार जैसे-तैसे अपना बचाव करती रही है पर शुक्रवार को फ्रांस की मीडिया की एक खबर से भारत के राजनीतिक क्षेत्रों में हंगामा मच गया है. फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति, फ्रांस्वा ओलांद जो इस सौदे के समय सत्ता में थे, ने वहां की मीडिया से कहा है कि सौदे में रिलायंस का नाम भारत सरकार ने प्रस्तावित किया था और उसके पास कोई विकल्प नहीं था.

अमूमन ऐसे मामलों में एक साथ कई मंत्री कूद पड़ते रहे हैं और विपक्ष पर आरोप लगाना हो या सरकार का बचाव करना हो, खेल फटाफट शुरू हो जाता रहा है. लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ औऱ सरकार ने कहा है कि वह आरोपों की जांच करा रही है. बात सही है. असल में यह खबर या बयान फ्रांसिसी भाषा में है और अनुवाद आदि में समय तो लगता ही है. हालांकि कोलकाता के अंग्रेजी दैनिक द टेलीग्राफ ने लिखा है कि उसने नाडिया स्थित चंदरनगर गवरन्मेंट कॉलेज में फ्रेंच विभाग के प्रमुख बसाबी पाल और अपने यहां की एक पत्रकार सुदेशना बनर्जी के सहयोग से अनुवाद करा लिया है. अनुवाद तो कल रात ही कुछ टेलीविजन चैनलों ने भी करा लिया था और अंग्रेजी हिन्दी में खबरें थीं हीं.

आइए देखें हिन्दी के अखबारों ने इस खबर को कैसे छापा है. दैनिक जागरण में यह खबर पहले पेज पर नहीं है. हालांकि पहले पेज पर सूचना है कि खबर पेज 11 पर है. यहां यह खबर दो कॉलम में लीड है. शीर्षक है, राफेल सौदे के लिए भारत सरकार ने सुझाया था रिलायंस का नाम. यह शीर्षक इनवर्टेड कॉमा में है और किसने कहा उसका नाम शीर्षक में नहीं है हालांकि ओलांद की फोटो लगी है. इस शीर्षक में इसी फौन्ट में सरकार की जगह ओलांद लगाया जा सकता था. इससे खबर और शीर्षक दोनों मजबूत हो जाते.

इस खबर का दूसरा शीर्षक है, फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति के बयान की जांच की जा रही है रक्षा मंत्रालय. इस खबर के साथ राहुल गांधी की फोटो और सिंगल कॉलम में एक खबर है जिसका शीर्षक है, भारत और उसके सैनिकों को मोदी सरकार ने धोखा दिया : राहुल. अमर उजाला में यह खबर पहले पेज पर नहीं है. ना इसकी कोई सूचना है.

दैनिक हिन्दुस्तान, नवोदय टाइम्स में यह खबर पहले पेज पर है. हिन्दुस्तान का शीर्षक है, पूर्व राष्ट्रपति ओलांद के खुलासे से राफेल पर फिर सियासी घमासान. नवोदय टाइम्स ने दो शीर्षक लगाए हैं. फ्लैग है, राफेल डील पर फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति का बड़ा खुलासा. मुख्य शीर्षक है, भारत सरकार ने दिया था रिलायंस के नाम का प्रस्ताव.

नवभारत टाइम्स में यह खबर पहले पेज पर सबसे ऊपर दो कॉलम में है. शीर्षक है भारत सरकार ने सिर्फ रिलायंस का ही नाम दिया था राफेल के लिए. इसके साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ओलांद की एक पुरानी फोटो छपी है और विपक्ष हमलावर शीर्षक से एक सिंगल कॉलम बॉक्स भी है. जनसत्ता ने पहले पेज पर लेकिन फोल्ड के नीचे इस खबर को ओलांद की अकेली फोटो के साथ दो कॉलम में छापा है और भाषा की खबर ली है.

राजस्थान पत्रिका और नया इंडिया ने इस खबर को लीड बनाया है. नया इंडिया का शीर्षक है, मोदी सरकार ने कराया अंबानी का राफेल सौदा. चार कॉलम की इस खबर के साथ दो कॉलम का बॉक्स है जिसका शीर्षक है, देश को जवाब दें प्रधानमंत्री कांग्रेस. प्रभात खबर के रांची संस्करण में यह खबर पहले पेज पर नहीं है.

वरिष्ठ पत्रकार संजय कुमार सिंह की फेसबुक वॉल से.

(यह लेखक के निजी विचार हो सकते हैं)

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