April 26, 2018
Sampaadakeey Vichaar

यह हैं बिहार के एक सेकेंड से भी कम समय में बनने वाले टॉयलेट्स!

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातों को लोग जाने क्यों अपने तरीके से सोचने लगते हैं. अरे भई वह प्रधानमंत्री हैं उनके जैसा सोचोगे तो जिन्दगी भर गुना-भाग ही करते रहोगे. अब कल  ही का भाषण देख लो कि पीएम साहब हर 1.04 सेकेण्ड में टॉयलेट बनवा रहे थे. इनती स्पीड में सुपरसोनिक विमान की भी नहीं है.

मंगलवार को देश के पीएम नरेंद्र मोदी ने बिहार के चंपारण सत्याग्रह के शताब्दी समारोह के समापन कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान देश को चकित करने वाला बयान दिया है. ऐसा बयान जिसके बाद अच्छे अच्छे गणितिज्ञ कैलकुलेटर लेकर बैठ गये. दरअसल पीएम नरेंद्र मोदी ने एनडीए की सहयोगी पार्टी और राज्य की बीजेपी-जेडीयू की मिली जुली सरकार की तारीफ़ मारते हुए कहा कि बिहार स्वच्छता के क्षेत्र में सारे रिकॉर्ड तोड़ रहा है.

मोदी ने आगे कहा कि यहाँ पिछले एक हफ्ते में 8 लाख 50 हजार से ज्यादा शौचालयों का निर्माण किया गया है. मोदी के इसी बयान में बताई गयी संख्या लोगों के लगे से न उतर गयी है. लोग इन्टरनेट से लेकर खुद मिस्त्रियों के पास जा जाकर इस टेक्नोलॉजी की जानकारी हासिल करना चाह रहे हैं कि आखिर देश के पीएम कैसे महज 1.04 में एक शौचालय का निर्माण करवा रहे हैं. यह तो विश्व नहीं पूरे ब्रह्माण्ड का रिकॉर्ड तोड़ने जैसा होगा.

लोग गणित का गुना भाग लगा रहे हैं. मोदी के भाषण के अनुसार 1 हफ्ते = 7 दिन, 1 दि‍न= 24 घंटे, 7 दिन= 168 घंटे, 1 घंटे= 60 मिनट ऐसे में 5059 टॉयलेट हर घंटे बनाए गए और मितं के अनुसार हर मिनट करीब 84.31 टॉयलेट पार्टी, वहीँ इस हिसाब से प्रति 1.04 सेकेण्ड में एक टॉयलेट्स बनकर तैयार हुआ.

लेकिन अब हम आपको बता रहे हैं कि मोदी जी किन शौचालयों की बात कर रहे थे, दरअसल बिहार के करीब 1.48 करोड़ घरों में से महज 43 लाख घरों में ही शौचालय हैं बाकी के घरों में शौचालय नहीं हैं. कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर पीएम मोदी के शौचालय निर्माण को लेकर दिए गये बयान का समर्थन करते हुए बिहार में नये बन रहे शौचालयों की एक्सक्लूसिव तस्वीरें भेंजी हैं. लोगों का कहना है कि मोदी जी इन शौचालयों की बात कर रहे थे. जिन्हें बनाने में एक सेकेंड का ही समय लगता है.

राज्य सरकार ने खारिज किया दावा

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार राज्य सरकार ने ही पीएम मोदी एक दावे को खारिज कर दिया है. कहा जा रहा है कि एक माह में इस आंकड़े को पूरा किया गया है. हालांकि बिहार को देखते हुए यह आंख भी फर्जी ही लगता है. वहीँ इस बयान को लेकर विपक्ष जमकर मेज ले रहा है.

(यह लेखक के अपने विचार हैं) 

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