October 23, 2018
Badi khabren Rajneeti

तो 2019 में ही हो जाएगा उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव?

लखनऊ/नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने ‘एक देश एक चुनाव’ को लेकर एक रिपोर्ट तैयार की है जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपा गया है. जिसमें लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की विस्तृत जानकारी दी गयी है. ऐसे में अगर 2019 में ही इसे लागू किया जाता है तो कई राज्यों में असमय ही चुनाव हो सकता है?

सबसे पहले बता दें कि एक देश एक चुनाव से मतलब एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनावों से है. जिसको लेकर पीएम नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग तक इस बारे में पहल कर चुका है. ऐसे में तमाम खर्चों से बचने के लिए देश में ‘एक देश एक चुनाव’ की बात भी चल रही है. चुनाव आयोग से लेकर विधिआयोग तक इस पर तयारी में लगे हुए हैं इसी बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ को उनकी सरकार के मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह की सात सदस्यीय समिति द्वारा तैयार की गयी रिपोर्ट पेश कर सुझाव दिया गया है कि अगला आम चुनाव दो चरणों में सभी राज्यों और देश में कराया जाए.

यह सुझाव 2019 में होने वाले आम चुनाव की जगह 2024 में होने वाले चुनाव को लेकर है. हालाँकि 2019 में यह संभव नहीं है, इसके लिए बहुत की सरकारों को कुर्बानी देनी होगी. जिसमें उत्तर प्रदेश की सरकारी भी शामिल है. अगर एक साथ चुनाव करवाए जाते हैं तो उत्तर प्रदेश में असमय ही चुनाव होगा. सरकार का कार्यकाल 2022 तक है.

ऐसी स्थित में ही योगी सरकार ने दो चरणों में चुनाव करने का प्रस्ताव रखा है. ऐसे में देखना होगा कि क्या नरेंद्र मोदी सरकार हर साल देशभर में चुनाव और सरकारी खर्च को कम करने के लिए एक राष्ट्र एक चुनाव को लागू कर पाती है या नहीं, वैसे देश का चुनाव आयोग भी इसी पक्ष में है.

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