November 13, 2018
Badi khabren Desh

मोदी सरकार की सफाई: RBI से नहीं मांगे 3.6 लाख करोड़

नई दिल्ली: पिछले दिनों से छिड़े भारतीय रिजर्व बैंक बनाम केंद्र सरकार के बीच विवाद पर अब केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने सफाई जारी की है. केंद्र ने पूरे विवाद के बीच जारी ख़बरों को लेकर कहा कि सरकार ने आरबीआई से कोई पेशकश नहीं की है.

बतादें कि पिछले दिनों खबर आई कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने आरबीआई से 3.6 लाख करोड़ की अपनी हिस्से दारी मांगी हैं. लेकिन अब खबर आ रही है कि सरकार ने ऐसी कोई मांग ही नहीं की थी. पूरी खींचतान के बीच केन्द्र सरकार ने सफाई दी है कि उसकी नजर आरबीआई के रिजर्व खजाने पर नहीं है. केन्द्र सरकार की तरफ से डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स सचिव एस सी गर्ग ने कहा कि केन्द्र सरकार ने रिजर्व बैंक से 3.6 लाख करोड़ रुपये लेने जैसी कोई पेशकश नहीं की है. डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स सचिव एस सी गर्ग ने कहा, केन्द्र सरकार ने रिजर्व बैंक के इकोनॉमिक कैपिटल फ्रेमवर्क को दुरुस्त करने के तरीकों को इजात करने की पहल की है.

इसके साथ ही केन्द्र सरकार की वित्तीय स्थिति को मजबूत करार देते हुए गर्ग ने कहा कि मीडिया में आरबीआई के रिजर्व खजाने पर सरकार की नजर को लेकर दुष्प्रचार किया जा रहा है. गर्ग ने दावा किया कि चालू वित्त वर्ष के अंत में (मार्च 2019) में केन्द्र सरकार अपना वित्तीय घाटा 3.3 फीसदी पर सीमित रखने में सफल होगी. इससे पहले मीडिया में खबर आई थी कि केंद्र सरकार ने आरबीआई से 3.6 लाख करोड़ की अपनी हिस्सेदारी मांगी है.

पिछले दिनों केंद्र और आरबीआई के बीच काफी विवाद हुआ था. बैंक कर्माचारी संघ ने सरकार पर काम में दखल डालने का आरोप लगाया था. जिसके बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि कि बैंक को सरकार के सुझाव मानने पड़ेंगे. वही इसी बीच कहा गया था कि केन्द्र सरकार केन्द्रीय रिजर्व बैंक के पास मौजूद 9.6 ट्रिलियन (9.6 लाख करोड़) रुपये की रकम से एक-तिहाई हिस्सा लेना चाहती है. यह दावा के प्रतिष्ठित की ओर से किया गया था.

आप हमारे साथ फेसबुक और ट्विटर पर भी जुड़ सकते हैं.

loading...

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *