April 26, 2018
karobar Shiksha

गलतफहमी: फोन खरीदते समय हर कोई करता है यह बड़ी गलती

डेस्क: स्मार्टफोन खरीदते समय लगभग हर कोई मोबाइल का कैमरा जरुर चेक करता है कि वह आखिर कितने मेगा पिक्सल का है. अगर वह ज्यादा पिक्सल का है तो समझो फोन का कैमरा अच्छा है, जबकि यह आपकी सबसे बड़ी गलतफहमी हो सकती है.

सच तो यह है कि आज की टेक्नॉलजी भरी दुनिया में बहुत सी चीजें अभी भी ऐसी हैं जिनका सही मतलब हम अभी तक नहीं जान पाए है. जिसके कारण गलतफहमी पालते चले जा रहे हैं. सबसे बड़ी गलतफहमी आज की है यह कि स्मार्टफोन खरीदते समय अक्सर लोग फोन का कैमरा का पिक्सल जरुर चेक करते हैं कि वह कितने मेगा पिक्सल का है, अगर ज्यादा का है तो हमारी धारणा होती है कि कैमरा अच्छा होगा और फोटो बेहतरीन निकलेगी.

अब हम आपको बता रहे हैं कि आखिर आपके फोन के कैमरे के मेगा पिक्सल का क्या मतलब होता है? किसी भी कैमरे से खीची गयी तस्वीर छोटे-छोटे (टुकड़ों) डॉट से बनती है जोकि अमूमन हमे साधारण आँखों से दिखाई नहीं देते हैं. इस डॉट्स को ही पिक्सल कहा जाता है. यह पिक्सल भी हज़ारों-लाखों छोटे-छोटे डॉट से बनते हैं. जबकि कैमरे की क्वालिटी उसके लेंस, सेंसर, इमेज प्रोसेसिंग हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर आदि से तय होती है.

मतलब अगर आपका कैमरा 20 मेगा पिक्सल का भी है पर फोन किसी साधारण कम्पनी का है तो उसके कैमरे की क्वालिटी डल ही रहेगी. वहीँ किसी किसी अच्छी कम्पनी का फोन है तो कैमरे का पिक्सल कम होने के बाद भी उसकी फोटो अच्छी क्वालिटी की आती है. यह निर्भर करता है कि कैमरे की हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर पर न कि पिक्सल पर, तो फोन खरीदते समय इस बात पर ज्यादा न ध्यान दे कि मोबाइल का कैमरा किस मेगा पिक्सल का है.

 

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Journalist India