April 27, 2018
Vichaar

खट्टर के शासन में खोखली हो गई भ्रष्टाचार की नींव

आशु कुमार दास

केंद्र में सत्तासीन होते ही नरेंद्र मोदी सरकार ने जनता के दिलों में एक भ्रष्टाचार मुक्त शासन वाली सरकार की छवि बनाई. केंद्र में बीजेपी की सरकार बनने के बाद बीजेपी पर प्रगाढ़ विश्वास करते हुए देश की जनता ने राज्यों मे भी उन्हें तवज्जों दी. जिन भी प्रदेशों में मोदी ने चुनाव प्रचार किया बीजेपी ने बाजी मारी, यहां तक की मुख्यमंत्रियों ने भी राज्य को भ्रष्टाचार संलिप्तात से दूर रखने का विश्वास दिलाया. वर्ष 2015 में हरियाणा सरकार ने भी यही कसम खाई और 2018 में इसके नतीजे सामने आने लगे है.

भ्रष्टाचार के खिलाफ चली इस मुहिम में प्रदेश के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने पहली पारी जीत ली है. भ्रष्टाचार संलिप्तात को खत्म करने के लिए 100 से ज्यादा ऑनलाइन सेवाओं की शुरुआत की. सेवाओं का प्रारंभ करते ही खट्टर सरकार ने जनता का सहयोग मांगा और गोरखधंधा कर सरकार को चपत लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की. जनता का सहयोग मांगकर खट्टर ने सबसे पहले उन बाबूओं और सरकारी अधिकारियों का पर्दाफाश किया जो पैसे लेकर काम करते हैं. जनता के कामों के लिए जिस सरकार उन्हें रखा है वही जनता को लूटने का काम कर रही थी, उस पर नकेल कसी गई. जिसका असर जमीनी स्तर पर देखने को भी मिला. सिर्फ राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर यह बात साबित हो चुकी है कि भारत की नींव में समा चुका भ्रष्टाचार वक्त के साथ खोखला हो रहा है.चंद माह पहले वर्ष 2017 के अंत में आई थिंकटैंक सीएमएस की 11 वीं रिपोर्ट मनोहर सरकार के कामों पर मुहर लगा रही है. रिपोर्ट में यह सामने निकलकर आई है कि खट्टर सरकार के कामों और शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई के बाद प्रदेश में भ्रष्टाचार और घूसखोरी के मामलों में गिरावट आई है. थिंकटैंक सीएमएस के सर्वे की मानें तो 2017 में हरियाणा में केवल 19 प्रतिशत लोगों का मानना था कि प्रदेश में कई सरकारी काम-काज के दौरान खुलेआम घूसखोरी होती है, लेकिन सर्वे के बाद 56 फीसदी लोगों ने माना की नोटबंदी और शिकायतों का वक्त के साथ निपटारा होने के कारण भ्रष्टाचार में कमी आई है.

आजादी के बाद केंद्र और राज्यों की सत्ता पर काबिज हुई सरकारों ने देश के तमाम राज्यों और सरकारी महकमों में भ्रष्टाचार को इतनी तवज्जों की दी की वह देश को खोखला करने पर उतारू हो गई. परन्तु मोदी सरकार और बीजेपी के आने के बाद खोखली हो रही नींव को दोबारा से भरने का काम किया जा रहा है. वर्ष 2019 में लोकसभा चुनावों से पहले मोदी और खट्टर सरकार जनता से भ्रष्टाचार को खत्म करने के अपने वायदों को पूरा करती हुई नजर आ रही है.

Note-(यह लेखक के निजी विचार हैं)

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