October 21, 2018
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42 हजार करोड़ का कर्ज: अपने कारोबार को विभाजित करेगी JSPL

नयी दिल्ली: लगातार कर्ज और खराब आर्थिक नीतिओं के चलते देश के औधोगिक क्षेत्र तबाह हो रहा है. ऐसे में एक बुरी खबर और भी आ रही है कि जेएसपीएल अपने कर्झ के बोझ को कम करने के लिए अपनी इकाइयों को विभाजित करेगी.

बतादें कि के मीडिया में जारी रिपोर्ट के अनुसार नवीन जिंदल की अगुवाई वाली जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (जेएसपीएल) कर्ज के बोझ को कम करने के लिए अपनी जेएसपीएल की कई इकाइयों को विभाजित करने जा रही है. नवीन जिंदल की जेएसपीएल पर करीब 42,000 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ है. ऐसे में जेएसपीएल की ओर से यह कदम उठाया जा रहा है. जिसमें जेएसपीएल अपने इस्पात, बिजली और वैश्विक कारोबार को तीन अलग इकाइयों में विभाजित कर सकता है.

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जेएसपीएल की के एक सूत्र ने जानकारी देते हुए मीडिया को बताया है कि वित्तीय अंशधारकों कम्पनी के निवेशकों ने कर्ज के बोझ को कम करने के लिए जेएसपीएल को तीन अलग-अलग इकाइयों में विभाजित करने की सलाह दी है. जिसमें जेएसपीएल के घरेलू इस्पात, बिजली व अंतरराष्ट्रीय इस्पात कारोबार को अलग-अलग इकाइयों में विभाजित कर सकती है. दरअसल जेएसपीएल  पर 42,000 करोड़ का कर्ज का बोझ है. जिससे जेएसपीएल कंपनी के शेयर धारकों से लेकर निवेशकों को भी चिंता बनी हुई है क्योंकि सरकार लगातार अपने नियमों को कड़ा कर रही है. ऐसे में भारी कर्ज कम्पनी के के लिए बड़ा मुसीबत बन सकता है. जिसको देखते हुए ही शेयर धारकों और कम्पनी के निवेशकों ने ऐसा करना सुझाव दिया है.

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मौजूदा समय में जेएसपीएल के घरेलू इस्पात कारोबार पर 20,500 करोड़, घरेलू बिजली कारोबार पर 8,500 करोड़, वैश्विक कारोबार पर 13,000 करोड़ रुपये का कर्ज है. जेएसपीएल द्वारा अपनी इन तीन इकाइयों को विभाजित करने को लेकर सूत्र ने बताया कि आगामी समय में इसपर विचार किया जाएगा. शेयर होल्डर्स और निवेशकों का मानना है की जेएसपीएल पर से कर्ज का कैसे भी बोझ कम किया जाए. जिससे कम्पनी भारी दबाव से बाहर निकले.

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