April 26, 2018
Offbeat

इन्हें देखकर दो हाथ वाले नक्कारों को डूब मरना चाहिए…

जेआईडेस्क: कुछ लोग जिन्दगी जीने का कोई न कोई रास्ता जरुर ही निकाल लेते हैं फिर क्यों ने उन्हें लाख कठिनाइयों ने गुजरना पड़े, हो सकता है आप मोबाइल यह खबर पढ़ रहे हो, आपके हाथों की उँगलियाँ दो सौ किलोमीटर की रफ्तार से मोबाइल की टच स्क्रीन पर दौड़ रही हों, उसके बाद भी खुद को अनलकी और न जाने क्या क्या सोचकर जी रहो तो शायद यह प्रेरणादायक कहानी आपकी आत्मा को झकझोर कर रख देगी, क्योंकि इसे पढने के बाद आप खुद को नक्करा साबित कर सकते हो.

जिन्दगी में रुपया-पैसा तो हाथों का मैल होता है, ज़रा सा हाथ चलाया कि रुपया आ ही जाएगा. लेकिन सोचिये ज़रा जिनके पास हाथ ही न हो वह भला कैसे अपना जीवन जी सकते हैं. यह कहानी नहीं बल्कि हकीकत है. जिसे पढ़कर आपके दिमाग के फ्यूज उड़ जाएंगे, साथ ही उन लोगों के गाल पर करारा तमाचा भी होगा जो अपनी नाकामयाबी के लिए दूसरो को कोसते है और अवसर न मिलने का रोना रोते रहते हैं. एक न्यूज़ चैनल ने वेस्ट बंगाल से ही ऐसे कहानी को कवर किया है. यह प्रेरणादायक कहानी जगन्नाथ की है जोकि बिना हाथ के भी अपना जीवन ख़ुशी से जी रहे हैं, यही नहीं वह अपने परिवार का पेट पालते हुए स्नातक की पढाई भी कर रहे हैं.

वेस्ट बंगाल के मालदा ज़िले के हबीबपुर के पलाशबोना गांव के निवासी 25 वर्षीय जगन्नाथ की ऐसी कहानी है जिसे जानकार कोई भी भावनाओं में बह सकता है, लेकिन खुद जगन्नाथ को इससे कोई फर्क नहीं पढ़ता कि लोग उनके लिए क्या सोचते हैं वह बिना हाथों के भी अपने घर, खेत का सारा काम करके परिवार का पेट पालते हुए लगातार पढ़ाई कर रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बचपन में ही जगन्नाथ के सिर से पिता का साया छिन गया था.

जिसके बाद से वही अपने पूरे परिवार के पेट पालने की जिम्मेदारी उठा रहे हैं. वह घर का काम से लेकर खेतों में फावड़ा तक चलाते हैं. उन्हें साइकिल से आटा पिसाने के लिए भी ले जाते देखा जा सकता है. साथ ही वह लगातार अपनी पढाई भी कर रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जगन्नाथ ग्रेजुएशन पूरा कर चुके हैं और आगे भूगोल से स्नातक कर एक टीचर बनना चाहते हैं. भले ही परिस्थितियां उनके विपरीत चल रही हों लेकिन उनकी मेहनत के आगे सारी कायनात भी उनका कुछ नहीं कर पा रही है. साथ ही यह उन लोगों के लिए एक सबक है जो अपनी जिन्दगी में दूसरों को दोष देकर खुद जिम्मेदार बनने और जिम्मेदारी लेने से बचते रहते हैं.

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