April 26, 2018
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श्रीदेवी से फुर्सत मिल गयी हो डोकलाम की चिंता कर ली जाए?

नई दिल्ली: भारत चीन के बीच एकबार फिर से सीमा पर विवाद शुरू हो सकता है. लेकिन अभी इतनी चिंता वाली कोई बात नहीं है. आराम से श्रीदेवी की आत्मा को स्वर्ग तक पहुंचा आओ. फिर इस मुद्दे पर चिंता कर ली जायेगी. वैसे राज्य मंत्री ने भारत को थोड़ी सी टेंशन वाली खबर से वाखिव कराया है. जो खबर आठ माह पहले यह कहकर दबा दी गयी थी की डोकलाम में भारत की कूटनीतिक जीत हुई है.

दरअसल केंद्रीय मंत्री राज्य मंत्री सुभाष भामरे ने गुरुवार को भारत और चीन के डोकलाम में फिर से संघर्ष और अस्थिरता बढने की संभावना जताई है. डोकलाम को लेकर देश की जनता को पहले से ही धोखे में रखा गया था क्योंकि केंद्र सरकार, सेना दोनों के बयानों में बड़ा अंतर था.  सरकार के बयानों में बड़ा विरोधभास देखने को मिला है. एक ओर वैश्विक रिश्तों की बात आती है तो भारत इसे कूटनीतिक जीत मानता, दूसरी ओर पीएम मोदी कहते हैं कि डोकलाम में भारत लड़ रहा था तब राहुल चीनियों के साथ क्या कर थे?

वहीँ अब राज्य मंत्री डोकलाम में एकबार फिर से चीन भारत पर हाबी हो सकता है, क्योंकि वह क्षेत्र में लगातार सेना, निर्माण सहित अन्य गतिविधियों को अंजाम दे रहा है. इसको लेकर राज्य मंत्री भामरे ने कहा कि भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर हालात संवेदनशील हैं. उन्होंने आशंका जताई कि भारत के पड़ोस में अस्थिरता के कारण महाविनाश के अस्त्र (डब्ल्यूएमडी) का प्रसार होने की संभावना बढ़ गई है, जो ऐसे लोगों (नान स्टेट एक्टर) के हाथ भी लग सकते हैं, जिनका किसी भी देश के सरोकार से कोई मतलब नहीं है. उन्होंने कहा एलएसी (चीन के साथ) पर हालात संवेदनशील हैं.

गश्त, अतिक्रमण और सैन्य गतिरोध की घटनाएं बढ़ सकती हैं.’ उन्होंने कहा कि एलएसी की शुचिता बनाए रखने के लिए हमें सभी जरूरी कदम उठाने होंगे. इससे पहले आपको यह भी बता दें चीन चीन ने बलूचिस्तान में अपने प्रोजेक्ट की सुरक्षा के लिए आतंकियों से हाथ मिला रखा है. बलूचिस्तान से लगा हुआ पाक अधिकृत कश्मीर (POK) है, चीन यहाँ भी भारत के लिए एक संकट बन रहा है.

ऐसे में अब देल्ह्ना है यह होगा की मोदी सरकार कब जिनपिंग को फोन के सीमा पर से अपनी सेना को पीछे हटाने के लिए फ़ो करते हैं. क्योंकि भारत का चीन के साथ बहुत गहरा संबंध है, हम उनके सड़े-गले से लार्क तरीके के सामान को उपभोग करते हैं. चीनी सेना को जो पैसा पगार के रूप में जाता है वह भारत का ही होता है. ऐसे में साहेब के एक फोन से ही चीनी सेना हटवा ली जायेगी.

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