April 26, 2018
Desh Rajneeti Uttar Pradesh

गोरखपुर-फूलपुर उपचुनाव: कड़ी सुरक्षा और लाइव वेब कास्टिंग के साथ जारी है मतदान

लखनऊ: आम चुनाव 2019 का सेमीफाइनल माना जाने वाला गोरखपुर-फूलपुर लोक्स्बहा सीट पर मतदान जारी है, सीके साथ ही बिहार की भी सीट पर मदतान प्रक्रिका चल रही है. रविवार सुबह ही योगी आदित्यनाथ ने मतदान स्थल पर जाकर वोट किया. वहीँ इस चुनाव को कई नजरिये से देखा जा रहा है.

रविवार की सुबह गोरखपुर-फूलपुर सहित बिहार की अररिया लोकसभा सीट और भभुआ-जहानाबाद विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान जारी है. सभी सीटों में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और फूलपुर सीट को अहम् माना जा रहा है. कारन यह है की दोनों सीटें 2014 में बीजेपी के खाते में गई थीं, वहीँ गोरखपुर से योगी आदित्यनाथ सीएम और फूलपुर से केशव प्रसाद मौर्य का उपमुख्यमंत्री चुने जाने के कारण दोनों सीत्न खाली हो गयी थीं. ऐसे में इन सीटों पर जीत हासिल करना बीजेपी के लिए जरुरी है.

क्या कहता है गणित  

गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव सिर्फ चुनाव ही नहीं है यह 2019 का सेमीफाइनल है, यहं मिली जीत हार का आम चुनाव से गहरा संबध होगा. वैसे गोरखपुर लोकसभा सीट पर 10 प्रत्याशी मैदान में उतरे हैं लेकिन मुकाबल राज्य की सत्ताधारी पार्टी बीजेपी और के बीच ही है. यहाँ इसबार योगी आदित्यनाथ के बिना ही बीजेपी चुनाव मैदान में उतरी है, दरअसल योगी राज्य के सीएम बन गये हैं. गोरखपुर लोकसभा सीट पर कुछ 2141 बूथ बनाये गये हैं. जहन रविवार सुबह सात बजे से मतदान जारी है. योगी आदित्यनाथ ने जाकर मतदान किया है.

क्या कुछ ख़ास है

इस लोकसभा सीट को संवेदनशील सीट की नजर से देखा जाता है., चुनाव में किसी प्रकार का कोई बवाल न हो सीके लिए बड़े पैमाने पर सुरक्षा के इन्तेजामत किये गये है. इस का अंदाजा इसी बता से लगाया जा सकता है कि यहाँ के 90 संवेदनशील बूथों में से 64 पर माइक्रो आब्जर्वर तैनात रहेंगे. साथ 50 बूथों की लाइव वेबकास्टिंग की जा रही है. मतदान ईवीएम- वीवी पैट मशीन के जरिये किया जा रहा है.

19 लाख मतदाता और जातीय फैक्टर

गोरखपुर लोकसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में 19.49 लाख मतदाता अपने मत का प्रयोग कर रहे हैं. इस सीट पर जातीय फैक्टर भी देखने को मिलता है. यहाँ निषाद वोटरों की संख्या ज्यादा होने के कारण ज्यादातर निषाद प्रत्याशियों पर ही दांव खेला जाता है. यह निषाद वोट करीब तीन लाख के आसपास है. सीके अलावा यादव वोट 2.25 लाख के आसपास है. अन्य पिछड़ी जातियों के वोट 1.50 लाख है. इस सीट पर वर्षों से बीजेपी का कब्जा रहा है, लेकिन इसबार के हालात उलट हैं, गोरखपुर सीट पर समाजवादी पार्टी को बसपा, सहित क्षेत्र की कई छोटे पार्टियों ने समर्थन दिया हुआ है. जिससे समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी परवीन कुमार निषाद की जीत को लेकर निश्चिन्त हैं. वहीँ राज्य की योगी सरकार अपनी विकास की नीति और मोदी लहर में सराबोर होकर अपने उपेन्द्र दत्त शुक्ला के जीत का सपना देख रहा है. यहाँ कांग्रेस ने अपना सपा से नाता तोड़कर अपना डॉ. सुरहिता करीम को मैदान में उतारा है.

फूलपुर लोकसभा सीट

फूलपुर लोकसभा सीट बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा की सीट है, यहाँ से साल 2014 के आम चुनाव में केशव प्रसाद मौर्य ने जीत हासिल की थी, कभी कांग्रेस और देश के पहले प्रधानमंत्री रहे जवाहरलाल नेहरु का इस सीट पर दबदबा रहा करता था. लेकिन अब इस सीट पर कांग्रेस अच्छा चेहरा भी नहीं उतार पा रही है. यहाँ कुल 18 लाख मतदाता है. पटेल समुदाय 17 प्रतिशत हैं. जिसके कारण इस सीट पर पार्टियों की पहली पसंद पटेल ही हैं. बीजेपी ने यहाँ से कौशलेंद्र सिंह पटेल को मैदान में उतारा है, वहीं सपा ने नागेंद्र सिंह पटेल कांग्रेस ने मनीष मिश्रा को प्रत्याशी बनाया है. शनिवार को ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने फूलपुर में एक रैली की थी, इसकी फोटो तवीत करते हुए उन्होंने कहा की फूलपुर में लहर नही तूफ़ान है. इसके साथ ही बिहार की अररिया लोकसभा सीट और दो विधानसभा भभुआ और जहानाबाद सीपर पर भी मतदान हो रहा है. बिहार की तीनों सीटों पर चचा भतीजे में लड़ाई देखि जा सकती है. जहाँ राज्य के सीएम नीतीश कुमार सुशासन के बल पर तीनों सीटें जीतने की आस में हैं, वहीँ आरजेडी जनाधार का अपमान का बदला लेने के इरादे से उतरी है. सभी सीटों पर शाम पांच बजे तक मतदान होगा. वहीँ 14 मार्च को परिणाम आयेंगे.

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