April 26, 2018
Uttar Pradesh

क्या यूपी में रावण राज का स्वागत नहीं करोगे…?

लखनऊ: भूल कर भी अगर आपने सरकार, प्रशासन की कुरीतियाँ खोलने की जुर्रत की तो आपको जान से हाथ धोना पड़ सकता है, आपकी संदिग्ध मौत भी हो सकती है या पुलिस रातों रात आपको ओसामा बिल लादेन घोषित कर आपका एनकाउंटर कर सकती है क्योंकि राज्य की जनता ने इसी लिए बीजेपी को जनाधार दिया था कि वह उत्तर प्रदेश को सीरिया का मैदान बना सकें.

रविवार को ही राज्य के स्वघोषित योगी यानी की सीएम योगी आदित्यनाथ के आवास के सामने एक रेप पीड़िता ने सामूहिक तौर आत्मदाह की कोशिश की थी जिसके बाद उसके पूरे परिवार को हिरासत में ले लिया गया था वहीँ सोमवार को खबर आ रही है कि रेप पीडिता के पिता की न्यायिक हिरासत में ही मौत हो गयी है. मीडिया की खबर के अनुसार रेप पीड़िता ने उन्नाव के बांगरमऊ से बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर गैंगरेप का आरोप लगाया था. मामला कोर्ट में चल रहा है पिछले तीन दिन पहले ही विधायक के गुर्गों ने रेप पीड़िता के पिता की बर्बर पिटाई की थी.

उसके बाद उसे ही गिरफ्तार करवाकर जेल भिजवा दिया था. वहीँ अब उसके पिता पप्पू उर्फ़ सुरेन्द्र की पुलिस कस्टडी में मौत हो गयी है. बताया जा रहा है कि विधायक के गुर्गों ने पप्पू को पीट पीटकर अधमरा कर दिया था उसके बाद भी बिना कोई मेडिकल सहायता के पीड़ित को जेल में डाल कर प्रताड़ित किया जा रहा है. वहीँ अब उसकी पुलिस कस्टडी में मौत हो गयी है? क्या इसे ह्त्या माना जाना चाहिए?

हाल फिलहाल का यह दूसरा वाक्या है जब यूपी सीएम पर सीधा सीधा सवाल उठा हो इससे पहले निर्दलीय कम बीजेपी के करीबी माने जाने वाले विधायक अमनमणि त्रिपाठी पर जमीन कब्जाने की शिकायत लेकर लखनऊ से एक फरियादी गोरखपुर पहुंचा था जिसके बाद सीएम योगी ने उसे जनता दरवार में ही फटकार लगाई. पूरे पूरे मामले में खुद सीएम योगी का रवैया संदिग्ध बना हुआ है जिस विधायक के खिलाफ शिकायत की गयी थी उसे कई बार योगी के मंच पर भी देखा जा चुका है. वहीँ अब आरोप सीधा सीधा बीजेपी MLA पर लगा है, ऐसे में रेप पीडिता के पिता की पुलिस कस्टडी में मौत होना राज्य के शासन और प्रशासन दोनों पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर रहा है.

 

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