April 25, 2018
Rajya Uttar Pradesh

कासगंज हिंसा: चंदन के पिता का दावा, वंदेमातरम् बोलने पर मुस्लिम समाज के लोगों ने मारी गोली

कासगंज: गणतंत्र दिवस के मौके पर तिरंगा यात्रा निकालने के दौरान भारत माता की जय और वंदेमातरम् बोलने से हुए विवाद में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है. शनिवार को मृतक चन्दन गुप्ता के पिता ने इस घटना को लेकर बड़ा चौकाने वाला खुलासा किया है. वहीँ शुक्रवार से शुरू हुई हिंसा अभी भी जारी है. पूरे कासगंज में जगह जगह आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं हो रही. हैं.

कासगंज में शुक्रवार को गणतंत्र दिवस के मौके पर वंदेमातरम् बोलने को लेकर हुए विवाद में मारे गये छात्र चन्दन गुप्ता के पिता ने बड़ा खुलासा किया है. पिता के अनुसार गणतंत्र दिवस के मौके पर AVBP की छात्र इकाई के कुछ छात्र सहित क्षेत्र के सैकड़ों छात्रों ने हर साल की तिरंगा यात्रा निकाली. वहीं जब तिरंगा यात्रा मुस्लिम एरिया से निकाली जा रही थी उसी दौरान सम्प्रदाय विशेष के लोगों ने छात्रों के भारत माता की जय, वंदेमातरम् और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारों का विरोध कर पाकिस्तान की जय कार करने लगे. जिससे विवाद बढ़ता गया और देखते ही देखते संप्रदाय विदेश के लोगों ने अपना असली चेहरा देश के सामने दिखा दिया. नारे लगाकर गणतंत्र दिवस की यात्रा निकाल रहे छात्रों पर गोलीबारी शुरू कर दी. जिसमें चन्दन गुप्ता नाम के छात्र की पर ही मौत हो गयी. वहीँ के छात्र ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. घटना के बाद से कासगंज सांप्रदायिक हिंसा की आग में जल रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चन्दन के पिता ने कहा कि मेरे बेटे का किसी राजनीतिक दल से संबंध नहीं था. वह बीकॉम का छात्र था और हर साल निकाली जाने वाली तिरंगा यात्रा में भाग लेता था.

उन्होंने कहा कि मेरे बेटे की मौत पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. उन्हें न्याय चाहिये. जो लोग भी इस घटना के गुनहगार हैं उन्हें सजा मिलनी चाहिए फिर चाहे वह किसी धर्म जाति के हो. वहीँ शनिवार को प्रशासन के आश्वासन के बाद चंदन का अंतिम संस्कार किया गया. लेकिन अंतिम संस्कार के बाद एकबार फिर से हिंसा भड़क गयी. जगह जगह दुकाने और वाहन फूंक दिए गये. कासगंज की हिंसा पर अभी भी सेक्युलर गैंग, कुख्यात अवार्ड वापसी गिरोह खामोश है. अख़लाक़ और रोहित वेमुला की मौत पर हाय लोकतंत्र हाय लोकतंत्र का नारा बुलंद कर देशभर में नंगा नाच करने वाले राजनेता अभी भी खामोश है. आइल साथ ही हिंसा के बाद मानों उत्तर प्रदेश सरकार ने हाथ डाल दिए हों ? अभी तक पूरे विवाद पर सीएम की खामोशी का क्या मायना है यह समझा नहीं जा सकता है. राज्य से गुंडे मवालियों को भागने और एंकाउन्टर के लिए जाने जाने वाली यूपी पुलिस ऐसे देश्द्र्रोहियों का एंकाउन्टर कब करती है यह देखने वाली बात होगी. जिन्हें तिरंगा यात्रा और भारत माता की जय व वंदेमातरम् बोलने वाले हिन्दुस्तानियों पर गोली चला देते हैं.

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