September 24, 2018
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Vichaar

सह लिए तो सही, नहीं तो नालायक …!!

जी  हां … यह हर उस संवेदनशील व्यक्ति की विडंबना है जो गलत होते देख नहीं पाता. लेकिन मुश्किल यह कि विरोध करना भी  हर किसी के बूते की बात नहीं. क्योंकि समाज का सीधा  नियम है कि सह लिया तो सही नहीं तो नालायक….  बाल विवाह और मृत्युभोज समेत तमाम ऐसी सामाजिक बुराइयां थी, […]
Vichaar

…. क्यों खास है ज़िम्बाब्वे का चुनाव?

हरारे: अफ़्रीकी देश ज़िम्बाब्वे में सोमवार को चुनावी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. अब देखना ये है कि जनता किसे चुनेगी. ये चुनाव ज़िम्बाब्वे निवासियों के लिए बेहद अहम है क्योंकि ये पहली बार है जब रॉबर्ट मुगाबे के बिना चुनाव हुए हैं. 37 सालों से सत्ता पर काबिज रहे रॉबर्ट मुगाबे को बीते साल […]
Sameeksha

चलो चुल्लूभर पानी में डूब मरते हैं….!

बैंगलोर में इलाज करवाने वाले और रवांडा और युगांडा का विकास करने का ठेका लेने वालों को अपनी दिल्ली का हाल देखकर चुल्लू भर पानी में डूब जाना चाहिए. साथ ही लेकिन उससे पहले इस सिस्टम को भी आग लगा देनी होगी. क्योंकि इसके लिए हम सब जिम्मेदार हैं. देश की राजधानी यानी कि दिल्ली, […]
Kavita/kahaanee

हास्य: भारत को चमका देंगे हम, सिर्फ चुनावी नारों में…

हास्य: भारत  को  चमका  देंगे  हम, सिर्फ  चुनावी  नारों  में… ============================================ भारत  को  चमका  देंगे  हम, सिर्फ  चुनावी  नारों  में भूखे  किस्से  तुम  भी  पढ़ना, बंद  करो अखबारों  में   राशन ,कपड़े ,घर की  खातिर  आशाएं  गिरवी  होंगी भाव  सुनो  तो  डर  लगता  है  आग लगी बाजारों में   खून- खराबा,  चीखें,  मातम  सहमा  सारा  […]
Kavita/kahaanee

बेटियां: कोख से अब जन्म लेतीं, बेटियां मत छीनिए…

बेटियां: कोख से अब जन्म लेतीं, बेटियां मत छीनिए… ============================================= कोख से अब जन्म लेतीं, बेटियां मत छीनिए। गुनगुनाने दो,चमन से, तितलियां मत छीनिये। घर बदलती हैं मगर यह दिल बदलती हैं नहीं, आप घर से प्रेम की ये खिड़कियां मत छीनिये। आप नारी शक्ति का सम्मान करना सीखिए, आसमां की ओर बांधी मुट्ठियां मत […]
Sameeksha

हास्य-व्यंग्य: दूसरों की कमाई , हमें क्यों बताते हो भाई ….!!

दूसरों की कमाई , हमें क्यों बताते हो भाई ….!! ========================================= उस विवादास्पद अभिनेता पर बनी फिल्म की चर्चा चैनलों पर शुरू होते ही मुझे अंदाजा हो गया कि अगले दो एक – महीने हमें किसी न किसी बहाने से इस फिल्म और इससे जुड़े लोगों की घुट्टी लगातार पिलाई जाती रहेगी. हुआ भी काफी […]
Kavita/kahaanee

कविता: मेरे बाबा तो भोलेनाथ…

कविता: मेरे बाबा तो भोलेनाथ… देश में सनसनी फैला रहे बाबाओं के कारनानों पर पढ़िए खांटी खड़गपुरिया ========================================= मेरे बाबा तो भोलेनाथ… बाबा का संबोधन मेरे लिए अब भी है उतना ही पवित्र और आकर्षक जितना  था पहले अपने बेटे और भोलेनाथ को मैं अब भी बाबा पुकारता हूं अंतरात्मा की गहराईयों से क्योंकि दुनियावी […]
Kavita/kahaanee

कविता: मामूली हैं मगर बहुत खास है… वो छिप छिप कर फिल्मों के पोस्टर देखना….

बचपन की स्मृतियों पर पेश है खांटी खड़गपुरिया तारकेश कुमार ओझा की नई कविता … ======================================== मामूली हैं मगर बहुत खास है… बचपन से जुड़ी वे यादें वो छिप  छिप कर फिल्मों के पोस्टर देखना मगर मोहल्ले के किसी भी बड़े को देखते ही भाग निकलना सिनेमा के टिकट बेचने वालों का वह कोलाहल और […]
Kavita/kahaanee

हास्य-व्यंग्य: भगवान सरकारी बंगला किसी से न खाली करवाए… .!!

भगवान सरकारी बंगला किसी से न खाली करवाए… .!! ============================================== मैं जिस शहर में रहता हूं इसकी एक बड़ी खासियत यह है कि यहां बंगलों का ही अलग मोहल्ला है. शहर के लोग  इसे बंगला साइड कहते हैं. इस मोहल्ला या कॉलोनी को अंग्रेजों ने बसाया था. इसमें रहते भी तत्कालीन अंग्रेज अधिकारी ही थे. […]