October 21, 2018
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Sampaadakeey

Vichaar

देश में ‘नियम’ और ‘व्यवस्था’ का दोहरा चरित्र

हमारे देश में वर्ग विशेष के हिसाब से अलग अलग नियम कानून बनाए गए हैं… ना ना.. ST/SC एक्ट की बात नहीं कर रहा भाई… बात हो रही है नौकरी पेशा और राजनीति पेशा के बीच दोहरे मानदंडों की… एक तरफ वो वर्ग है परोक्ष रूप से देश चलाता है, सिस्टम चलाता है यानि कि […]
Kavita/kahaanee

कविता: दास्तां सुन कर क्या करोगे दोस्तों …!!

आपबीती पर पेश है खांटी खड़गपुरिया तारकेश कुमार ओझा की चंद लाइनें ============================================ कविता: दास्तां सुन कर क्या करोगे दोस्तों …!! बचपन में कहीं पढ़ा था रोना नहीं तू कभी हार के सचमुच रोना भूल गया मैं बगैर खुशी की उम्मीद के दुख – दर्दों के सैलाब में बहता रहा – घिसटता रहा भींगी रही […]
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कविता: मेरे गांव की गलियां…

कविता: मेरे गांव की गलियां… ======================================== मेरे गांव की गलियां… सुना है बेड़ियों में जकड़ गई हैं गांव की हंसती खेलती गलियां अब तो सुना है दो धड़ों में बंट गई हैं गांव की गलियां अब वो बात नहीं जब नंग धड़ंग पायल बंधी गलियों में दौड़ती थीं एड़ियाँ अब वो बात नहीं जब गांव […]
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सुप्रीम कोर्ट में सरकारी नौकरी में पदोन्नति को लेकर हुई सुनवाई

सरकारी नौकरी में पदोन्नति में आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई . इसी संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि क्यों न एससी – एसटी के लिए भी क्रीमी लेयर हो ? बता दें कि क्रीमी लेयर अभी तक ओबीसी वर्ग पर लागू है और यह भारतीय राजनीति […]
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कविता: सावन की पुकार…!!

कांवड़ यात्रा पर विवाद से दुखी है खांटी खड़गपुरिया तारकेश कुमार ओझा. पेश है नई कविता ========================================= सावन की पुकार…!! बुलाते हैं धतुरे के वो फूल धागों की डोर बाबा धाम को जाने वाले रास्ते गंगा तट पर कांवरियों का कोलाहल बोल – बम का उद्गघोष मदद को बढ़ने वाले स्वयंसेवियों के हाथ कांवर की […]
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सह लिए तो सही, नहीं तो नालायक …!!

जी  हां … यह हर उस संवेदनशील व्यक्ति की विडंबना है जो गलत होते देख नहीं पाता. लेकिन मुश्किल यह कि विरोध करना भी  हर किसी के बूते की बात नहीं. क्योंकि समाज का सीधा  नियम है कि सह लिया तो सही नहीं तो नालायक….  बाल विवाह और मृत्युभोज समेत तमाम ऐसी सामाजिक बुराइयां थी, […]
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…. क्यों खास है ज़िम्बाब्वे का चुनाव?

हरारे: अफ़्रीकी देश ज़िम्बाब्वे में सोमवार को चुनावी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. अब देखना ये है कि जनता किसे चुनेगी. ये चुनाव ज़िम्बाब्वे निवासियों के लिए बेहद अहम है क्योंकि ये पहली बार है जब रॉबर्ट मुगाबे के बिना चुनाव हुए हैं. 37 सालों से सत्ता पर काबिज रहे रॉबर्ट मुगाबे को बीते साल […]
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चलो चुल्लूभर पानी में डूब मरते हैं….!

बैंगलोर में इलाज करवाने वाले और रवांडा और युगांडा का विकास करने का ठेका लेने वालों को अपनी दिल्ली का हाल देखकर चुल्लू भर पानी में डूब जाना चाहिए. साथ ही लेकिन उससे पहले इस सिस्टम को भी आग लगा देनी होगी. क्योंकि इसके लिए हम सब जिम्मेदार हैं. देश की राजधानी यानी कि दिल्ली, […]
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हास्य: भारत को चमका देंगे हम, सिर्फ चुनावी नारों में…

हास्य: भारत  को  चमका  देंगे  हम, सिर्फ  चुनावी  नारों  में… ============================================ भारत  को  चमका  देंगे  हम, सिर्फ  चुनावी  नारों  में भूखे  किस्से  तुम  भी  पढ़ना, बंद  करो अखबारों  में   राशन ,कपड़े ,घर की  खातिर  आशाएं  गिरवी  होंगी भाव  सुनो  तो  डर  लगता  है  आग लगी बाजारों में   खून- खराबा,  चीखें,  मातम  सहमा  सारा  […]
Kavita/kahaanee

बेटियां: कोख से अब जन्म लेतीं, बेटियां मत छीनिए…

बेटियां: कोख से अब जन्म लेतीं, बेटियां मत छीनिए… ============================================= कोख से अब जन्म लेतीं, बेटियां मत छीनिए। गुनगुनाने दो,चमन से, तितलियां मत छीनिये। घर बदलती हैं मगर यह दिल बदलती हैं नहीं, आप घर से प्रेम की ये खिड़कियां मत छीनिये। आप नारी शक्ति का सम्मान करना सीखिए, आसमां की ओर बांधी मुट्ठियां मत […]