October 23, 2018
Offbeat

अरविंद केजरीवाल ने टाली मार्क जकरबर्ग की यह बड़ी मुसीबत, वरना बंद हो जाता फेसबुक 

दिल्ली टू वाशिंगटन: आं हाँ मैं मान ही नहीं सकता कि फेसबुक के डैडी यानी की मार्क जकरबर्ग के दिमाग में माफ़ी मांगने का आइडिया अपने आप से आया हो? जैसा कि मैंने कहा कि वैसे वैसा ही हुआ. अपने दिल्ली के माफ़ीनामा ओह सॉरी यानी दिल्ली के सीएम अरविन्द केजरीवाल और मार्क जकरबर्ग के बीच हुई बातचीत की एक्सक्लूसिव तस्वीरें सामने आ ही गयी है!

फेसबुक का डेटा बेचने के मामले में मार्क जकरबर्ग को आज अमेरिकी कांग्रेस के सामने कई घंटे कई सवालों से गुजरना पड़ा. इस दौरान उन्हें कई ऐसे सवालों से भी रूबरू होना पड़ा. जिसका जवाब न देते हुए वह बुरे फंस गये. ऐसे में मौके पर मार्क जकरबर्ग ने फार्मूला केजरीवाल अपना शुरू कर दिया. जिसमें हर गलती पकड़े जाने पार माफ़ी मांगी जा रही थी. वहीँ यह तो रहा सवाल मार्क, फेसबुक और अमेरिका का. हम भारतीयों का बड़ा सवाल है कि मार्क ने आखिरकार हमारे सर जी के माफ़ी नीति का बिना कॉपीराइट लिए यूज कैसे कर लिया. लेकिन अब आपको उस सच्ची घटना से रूबरू करवा रहे हैं?

जिसका इस घटना से कोशो दूर दूर तक कोई सम्बन्ध नहीं है. सोशल मीडिया की एक्सक्लूसिव कमेंटों और पोस्टों को देखकर कहा जा रहा है कि जब अमेरिकी कांग्रेस में मार्क से सवाल जवाब हो रहे थे, इसी दौरान उनके पास एक फ़ोन आया था. वह फ़ोन +91 से आ रहा था जिसके ट्रूकॉलर पर माफीवाल लिखा हुआ था. वहीँ जब मार्क ने फ़ोन उठाया तो आवाज आई..

जुकरबर्ग जी फ़ोन मत काटिएगा, मैं केजरीवाल बोल रहा हूँ. जिससे कुछ ही देर बाद अमेरिकी कांग्रेस का सारा मसला ही सुलट गया. क्योंकि हमारे सर जी ने मार्क को ने बड़ा मन्त्र बार बार दोहराने की सलाह दी थी. मन्त्र कुछ यूँ था. गलती हो गयी माफ़ कर दीजिये… गलती हो गयी माफ़ कर दीजिये… गलती हो गयी माफ़ कर दीजिये… गलती हो गयी माफ़ कर दीजिये… गलती हो गयी माफ़ कर दीजिये… और हमसे भी गलती हो गयी हमे भी माफ़ कर दीजिये.

इस खबर का इसी जीवित या मरे इन्सान से वास्ता हो या न हो. हमे पता नहीं पर हमारी मंशा किसी का दिल दुखाने की बिलकुल नहीं थी. क्योंकि दिल दुखाने की जिम्मेदारी नॉएडा की बिजली ने ले रखी है..

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