April 26, 2018
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दलितों की ओर आंख भी उठाई तो सवर्ण समाज को हो जाएगी फांसी…

जब देश में दोहरे मापदंड, पक्षपाती कानून, नौकरी में लोगों के होने वाले भेदभाव के बाद भी अगर दलितों की दशा-दिशा में सुधार नहीं हो रहा है, इतना सब कुछ होने के बाद भी वह खुद को शोषित महसूस कर रहे हैं क्यों ने सारे सवर्ण समाज को फांसी पर चढ़ा दिया जाए, या फिर देश से निकाल दिया जाये और मोदी सरकार यह काम तो बखूबी ही कर सकती है.

देश के एक पीएम कहते थे कि देश के संसाधनों पर पहला हक मुस्लिमों का है तो दुसरे पीएम कहते है कि दलित को मारने से पहले मुझे गोलीमार दो, यह तब हालात हैं जब देश का राष्ट्रपति उसी तबके से आता है (राष्ट्रपति की जाति अमित शाह ने बतायी थी, मेरे लिए वह सिर्फ राष्ट्रपति ही हैं) जिस तबके को देश में शोषित समाज का कहा जाता है. मुझे लगता है कि देश के शिखर पर बैठा सख्श अगर दलित समुदाय का है और उसके बाद भी दलितों का शोषण हो रहा हो तो इस देश के सभी सवर्णों को फांसी दे देनी चाहिए. क्योंकि देश पर पहला और आखिरी हक़ दलित समुदाय का ही है. फिर चाहे वह क्यों न लाखों लोगों को दलित एक्ट के फर्जी मुकदमों में फंसाकर जेल भिजवा देते हों, फिर चाहे वह क्यों न सवर्ण समाज की बहु बेटियों से छेड़छाड़ करते हो, और शिकायत करने पर दलित एक्ट का ब्रह्मास्त्र निकाल कर मार देते हो. फिर चाहे क्यों न वह परीक्षा में फेल होकर भी मास्टर बनकर देश के भविष्य खे जाने वाले बच्चों का बेडागर्क करते हों.

इनता सबकुछ करने के बाद भी अगर वह अब भी वंचित हैं तो मोदी सरकार को एक अध्यादेश लाना चाहिए जिसमें यह प्रस्ताव हो कि भारत का कोई भी सवर्ण अगर दलित की ओर आंख भी उठा के देख ले तो उसे तुरंत बिना कोर्ट-कचहरी की सुनवाई किये फांसी पर चढ़ा देना चाहिए. क्योंकि दलित ही इस देश के उद्धारक हैं और मोदी सरकार यह कर भी सकती है क्यों कि देश की जनता ने इसी लिए बहुमत देकर संसद में भेजा था कि एक दिन देश के सभी सवर्णों को देश से निकाल कर दलितों को उनका खोया हुआ हक़ दिखाया जा सके. मोदी जी अब वह वक्त आ गया है, जब आपको दुनिया का सबसे बड़ा काम करना है जिससे देश का हर दलित खुद को अमेरिका का राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समझे सके.

रोज रोज सवर्णों को कुरेदने के बजाय हम सवर्णों की तो आप चाहो तो सीरिया में जैसे ISIS के आतंकियों ने यहूदियों और यजिदिओं का वजूद ख़त्म कर उनकी संपत्ति को लूट लिया है वैसा ही आप भी देश के करोड़ों सवर्ण समाज के लोगों के साथ कर सकते हो. क्योंकि सवर्ण समाज का दिल बहुत बड़ा होता है. वह देश और जनता एके लिए घर जख्म उठा सकता है. वैसे विचार अच्छा है देश के दलितों को उनका वर्षों पुराना खोया हुआ हक भी मिल जाएगा और उनकी स्थित भी सुधर जाएगी. जोकि पिछले 70 सालों में नहीं सुधरी है. धन्यवाद. लेख अच्चा लगे तो मोदी तक पहुँचाने में मदद करें जिससे देश के दलितों का भला हो सके. (एक त्यागी राजपूत)

नोट-यह लेखक के निजी विचार हैं

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